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सुरक्षा बलों के कैम्प स्थापित करने में बस्तर के ग्रामीण कर रहे हैं सहयोग

सुकमा 18 मई।दुर्गा फाइटर्स बटालियन की महिला जवानों ने पहले और अबके बस्तर में बड़ा बदलाव रेखाकिंत करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आज बताया कि पहले ग्रामीण सुरक्षा बलों के कैम्प स्थापित करने का विरोध करते थे जबकि अब वह इसमें सहयोग कर रहे हैं।

श्री बघेल ने आज यहां  पुलिस लाइन ग्राउंड में दुर्गा फाइटर्स बटालियन की महिला जवानों से मुलाकात की। इस दौरान दुर्गा फाइटर्स की प्रधान आरक्षक स्वाति दीप तिर्की ने मुख्यमंत्री के पूछने पर उन्हें पहले और अब के बस्तर के बीच अंतर बताते हुए कहा कि पहले वर्दी देख कर लोग भाग जाते थे, अब सुरक्षाबलों के कैम्प स्थापित करने में ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। पहले नक्सलियों ने लोगों की मानसिकता बनाई थी कि पुलिस वाले प्रताड़ित करते हैं, मगर अब कैम्प्स बनने से पुलिसबल और आमजन रूबरू हो रहे हैं। अब लोगों के बीच सुरक्षाबलों की छवि बदल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ा परिवर्तन ये है कि अब वर्दी के प्रति लोगों में भय नहीं, लोग समझ रहे कि ये हमारी सुरक्षा के लिए हैं। जो सड़क बन रही है, वो हमारे लिए बन रही है। जो कैम्प बन रहे हैं, वो हमारे लिए बन रहे हैं।महिला प्रधान आरक्षक ने मुख्यमंत्री को बताया कि सुरक्षाबलों द्वारा दुर्गम इलाकों में नए कैम्प स्थापित किये जा रहे हैं। एमाकोण्डा में पहले कोई सुविधा नहीं थी, सुरक्षाबल वहां सड़क निर्माण कर कैम्प तक पहुंचे, अब वहां बिजली और सड़क की सुविधा है। मुख्यमंत्री ने उनसे सुकमा में बने नवीन कैम्पस के सम्बंध में जानकारी ली।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन के मौके पर दुर्गा फाइटर्स बटालियन का गठन किया गया था।दुर्गा फाइटर्स बटालियन में 36 महिला जवान शामिल हैं। इस बटालियन के गठन का उद्देश्य लैंगिक समानता बढाना है ताकि पुरुष सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधे मिला कर महिलाएं भी दुर्गम इलाकों सेवा दे सकें।

मुख्यमंत्री श्री बघेल को दुर्गा फाइटर्स की महिला जवानों ने उनका  और डीजीपी श्री जुनेजा का स्केच भेंट किया।