Thursday , January 20 2022
Home / छत्तीसगढ़ / सहकारिता में प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की ताकत-रमन

सहकारिता में प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की ताकत-रमन

रायपुर 23 सितम्बर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र में प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की ताकत है।सहकारिता के माध्यम से कुटीर और छोटे-छोटे व्यवसाय प्रारंभ करके लाखों लोगों को रोजगार प्रदान किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री आज यहां इंडोर स्टेडियम में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के नव-निर्वाचित सहकारी पदाधिकारियों के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सहकारिता ध्वज फहराकर सम्मेलन का शुभारंभ किया। डॉ.सिंह ने कहा कि प्रदेश में नवनिर्वाचित सहकारी पदाधिकारियों के लिए संभागीय मुख्यालयों के स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से सहकारी प्रतिनिधियों को धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद, बीज वितरण के अलावा अन्य छोटे-छोटे व्यवसायों के क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार किया जाएगा।

उन्होने कहा कि सहकारी प्रतिनिधियों को स्थानीय स्तर पर संभावना वाले व्यवसायों के लिए छोटे-छोटे समूहों के गठन, व्यवसाय के लिए उन्हें आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने, व्यवसायों के सुचारू संचालन और समूहों के उत्पादों के विपणन में सहयोग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।उन्होने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में अध्ययनरत लगभग 52 लाख बच्चों को गणवेश वितरित किए जाते हैं। यदि सहकारिता के माध्यम से गणवेशों के लिए कपड़े की बुनाई, सिलाई और वितरण का संगठित और सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए तो इसके माध्यम से हजारों बुनकरों और महिला समूहों को रोजगार मिल सकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में 15-16 समितियां काजू प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे आयी हैं। इसी तरह 50 समूह कड़कनाथ मुर्गे पोल्ट्री में तैयार कर उनका विपणन करते हैं। ऐसे समूहों को सहकारिता के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य उत्पादन में छत्तीसगढ़ आज देश में पांचवे स्थान पर है। मत्स्य पालन, लघु वनोपज के व्यवसाय सहित दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी सहकारिता के माध्यम से काफी काम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में दो चरणों में 95 प्राथमिक सहकारी समितियों को रसोई गैस वितरण की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसके लिए समितियों को बैंकों से कर्ज, गोदाम बनाने के लिए 15 लाख रूपए की सहायता भी दी जा रही है।

सहकारिता मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। गृहमंत्री श्री रामसेवक पैकरा, खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, संसदीय सचिव श्रीमती चंपादेवी पावले, लोकसभा सांसद श्री कमलभान सिंह, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के अध्यक्ष श्री राधाकृष्ण गुप्ता, दुग्ध संघ के अध्यक्ष श्री रसिक परमार और राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री भरत साय विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।