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लाला जगदलपुरी के नाम पर दिया जाएगा साहित्य का पुरस्कार – भूपेश

जगदलपुर 25 जनवरी।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर के प्रतिष्ठित  साहित्यकार लाला जगदलपुरी की स्मृति में उनके नाम पर साहित्य का पुरस्कार देने और प्रतिवर्ष साहित्य सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है।

श्री बघेल ने आज यहां लाला जगदलपुरी जिला संग्रहालय के लोकार्पण के अवसर पर यह घोषणा करते हुए कहा कि बस्तर की पहचान अब बंदूक से नहीं बल्कि कलम से होगी।उन्होंने कहा कि बस्तर को पहले दशहरा, घोटुल, मुर्गा लड़ाई और यहां की प्राकृतिक सुंदरता के तौर पर जाना जाता था। उसके बाद लाल आतंक के कारण बस्तर के साथ-साथ पूरे प्रदेश की पहचान नक्सलगढ़ के रुप में होने लगी। मगर अब बस्तर की पहचान बदल रही है और इस क्षेत्र की पहचान बंदूक से नहीं बल्कि कलम और कलमकारों से होगी।

उन्होने कहा कि लालाजी के यश के अनुसार ही इस भव्य ग्रंथालय का निर्माण किया गया है। उन्होंने इस ग्रंथालय को बहुत ही सुंदर बताते हुए कहा कि यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए यहां पाठ्य सामग्री उपलब्ध है। बच्चों के लिए बाल साहित्य, बुजुर्गों और साहित्यप्रेमियों की रुचि के साहित्य के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी यहां भरपूर पठन सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने यहां सुरक्षा के लिए किए गए व्यवस्था की भी जमकर प्रशंसा की।

श्री बघेल ने इस ग्रंथालय को चौबीसों घंटे खुले रखने पर भी प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय था, जब इस क्षेत्र में शाम होने के बाद पेट्रोल नहीं मिलता था, किन्तु इस ग्रंथालय में अब पूरे चौबीसों घंटे अध्ययन की सुविधा मिलेगी, जो यहां हुए बदलाव का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि यहां ऑफलाईन के साथ ही ऑनलाईन पाठ्य सामग्री और साहित्य उपलब्ध रहेंगे।उन्होंने नई पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि वे नई कलम से नई इबारत लिखें। उन्होंने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के साथ-साथ गढ़बो नवा बस्तर और गढ़बो नवा जगदलपुर‘ के संकल्प को साकार करने की अपील की।