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रमन सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी

रायपुर 06 जुलाई।छत्तीसगढ़ विधानसभा में रमन सरकार के  खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा लगातार जारी है।दोपहर लगभग 12 बजे शुरू हुई चर्चा के मध्य रात्रि के बाद तक चलने की संभावना है।

नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस.सिंहदेव द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस की तरह से वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य धनेन्द्र साहू ने चर्चा शुरू की।उन्होने सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक सभी वर्ग के लोग रमन सरकार से त्रस्त है।सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई है।आयोग निगम मंडलों में भाजपा को पदाधिकारियों को बैठाकर उपकृत किया गया है।इससे कोई साकारात्मक परिणाम भी हासिल नही हुआ।

उन्होने कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधियों को दबाने की कोशिश हो रही है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल एवं विधायक विमल चोपड़ा इसके मुख्य उदाहरण है।सरकार से किसी भी वर्ग के खुश नही होने का दावा करते हुए उन्होने कहा कि शिक्षाकर्मी हो या फिर पुलिस कर्मी,मितानिन,नर्स,आंगनबाडी कार्यकर्ता सभी आन्दोलित है।

उन्होने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में किसान बुरी तरह त्रस्त है।समर्थन मूल्य पर खरीदे धान पर हर वर्ष बोनस देने का सरकार ने वादा किया था,क्या पूरा किया।उन्होने कहा कि उर्वरक के लिए किसान चक्कर लगा रहे है।राज्य नकली कीटनाशक दवाओं का बड़ा केन्द्र बन गया है।उन्होने कहा कि सरकार किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने की बात करती है,यह तो कब होगा लेकिन किसानों की खेती में लागत जरूर दोगुनी हो गई है।

उन्होने राज्य में चिटफंड कम्पनियों की लूट का भी जिक्र किया और कहा कि 50 लाख करोड रूपए जब वह लूट कर चले गए मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह को रेडियों पर कहते सुना कि उन पर रोक लगाई गई हैं और कड़ी कार्रवाई की जायेगी।उन्होने राज्य में शराब के धंधे को सरकार द्वारा प्रोत्साहित करने का भी आरोप लगाया।उन्होने सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य में किसानों ,युवाओं के द्वारा बड़े पैमाने पर आत्महत्या करने का आरोप लगाया।

राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने सत्ता पक्ष की ओर से चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि इसमें लगाए गए 15 आरोपों में कुछ भी नया नही है।इस पर पहले भी सदन में चर्चा हो चुकी है।उऩ्होने सवाल उठाया कि राज्य सरकार 56 लाख परिवार को एक रूपए किलों में चावल दे रही है,क्या इसलिए इसे लाया गया है।उऩ्होने सवालिया लहजे में कहा कि 15 वर्षों में सवा लाख करोड रूपए किसानों की जेब में डाला गया है,गांवों मे गरीबों का प्रधानमंत्री आवास योजना में घर बन रहा है,गरीबों के घऱ पर बिजली पहुंच रही है और गरीब भी रसोई गैस का उज्जवला योजना के जरिए इस्तेमाल कर रहे है क्या इसके विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।

उऩ्होने कहा कि 50 लाख लोगो को स्मार्ट फोन देना क्या गलत है। श्री पाण्डेय ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में सुकमा,दंतेवाड़ा,नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में जहां चार प्रतिशत लोगो के पास स्मार्ट फोन है और कनेक्टविटी नही है,क्या उन्हे फोन देना गलत है।सूचना प्रौद्योगिकी से पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करने का उल्लेख करते हुए उऩ्होने कहा कि ई टेन्डरिंग के जरिए 74 हजार से अधिक निविदाओ का क्रियान्वयन हुआ है।

उऩ्होने मड़वा बिजली परियोजना को लेकर लगाए गए आरोपो को खाऱिज करते हुए कहा कि इसकी स्थापना में विभिन्न कारणों से तीन वर्ष की देरी हुई।इससे लागत बढ़ गई।इस कारण 3152 करोड रूपए ब्याज देना पड़ा। 3157 करोड़ रूपए भारत हैवी इलेक्ट्रिक लिमिटेड को दिए गए।इस कारण बिजली की उत्पादन लागत चार रूपए 25 पैसे यूनिट हो गई।उन्होने कहा कि तेलंगाना से बिजली खरीद के लिए एमओयू हुआ है।वहां को बिजली बेचने से 12 वर्ष में ऋण की अदायगी होने पर लागत चार रूपए यूनिट से कम हो जायेंगी।

श्री पाण्डेय ने किसानों को बिजली बिल में दी जा रही रियायतों का जिक्र करते हुए कहा कि केवल 40 हजार किसान ही ऐसे है जिनका बिल आता है। इनमें से 30 हजार को फ्लैट रेट में लाने की योजना को अन्तिम रूप दिया जा चुका है।शोष 10 हजार वह किसान है जोकि काफी बड़े है। उन्हे भी आगे फ्लैट रेट पर बिल देना होगा।उऩ्होने राज्य में बेरोजगारी बढ़ने के दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगो को रोजगार दिया गया है इसमें सरकारी नौकरियां भी शामिल है। इसके साथ ही लोगो को रोजगार के लायक बनाने के लिए तैयार भी किया जा सकता है।

वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य सत्यनारायण शर्मा प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए राजस्व मंत्री के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने के औचित्य पर सवाल उठाने के लिए आड़े हाथों लिया।उऩ्होने कहा कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना उनका संवैधानिक अधिकार है।उन्होने किसानों की अधिग्रहित भूमि का चार गुना मुआवजा नही दिए जाने पर सवाल उठाया और कहा कि बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में सड़के तो बना दी गई लेकिन किसानों को अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नही दिया गया।उऩ्होने तहसीलों में नामान्तरण के हजारों मामले लम्बित होने का भी आरोप लगाया।

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि बार-बार ये सवाल उठाया जा रहा है कि पिछले सत्र में भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तो फिर इस बार लाने का क्या औचित्य है।ये अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ कांग्रेस पार्टी की ओर से नहीं है बल्कि उन किसानों की ओर से भी है जिनके साथ आपने छल किया है। श्री बघेल ने कहा केंद्र द्वारा समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाने जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तिहार मनाएंगे.उन्हें तो ये मनाने की आदत पड़ गई है.हर बात पर त्योहार मनाते है।

श्री बघेल ने कहा डा.मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब दस सालों में 810 रुपये बढ़ाया था।केंद्र सरकार ने 200 रुपये बढ़ाया तो कहते हैं कि ऐतिहासिक निर्णय है।अटल जी और मोदी सरकार के कार्यकाल को जोड़ दे तो 11 सालों में 460 रुपये बढ़ाया गया।

उन्होने कहा कि 15 सालों में महानदी का पानी बलौदाबाजार नहीं पहुँच पाया, लेकिन उद्योगपतियों को दिया जा रहा. पड़ोसी राज्य ओडिशा में किसान को डेढ़ रुपये यूनिट में बिजली मिल रहा है लेकिन छत्तीसगढ़ में 5 रूपये 19 पैसे में. किसानों के नाम से ट्रांसिमिशन लाइन में भरपाई की जा रही है।किसानों के नाम पर लूट मची है।छत्तीसगढ़ में बिजली की कमी नहीं है फिर भी कोरबा वेस्ट और मड़वा प्लांट लगाया. मड़वा प्लांट तेलंगाना के लिए लगाया गया है।