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भूपेश ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केन्द्र से की कई मांगे

रायपुर 28 जनवरी।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज यहां हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित अंचलों में नवनिर्माण के लिए 11,443.76 करोड़ रूपये का विशेष पैकेज देने सहित कई मांगे रखी।

इस बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया।बैठक में विभिन्न अन्तर्राज्यीय विषयों समेत छत्तीसगढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गयी।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने रायपुर एयरपोर्ट को अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए अनुमति देने और बिलासपुर से उड़ाने शुरू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि रायपुर एयरपोर्ट में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कारगो विमानों के परिचालन की अनुमति प्रदान करें। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने रायपुर एयरपोर्ट को अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने  पर सहमति व्यक्त की।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने बिलासपुर से उड़ाने प्रारंभ करने के संबंध में सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के स्तर पर पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हर राज्य में कम से कम एक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट होना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस संबंध में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाएं सात राज्यों से मिलती हैं, जिसके कारण छत्तीसगढ़ को इस सात राज्यों के लाॅजिस्टिक हब तथा एवीएशन हब के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में पीएमजीएसवाई योजना के अतिरिक्त 02 गांवों के मध्य कनेक्टिविटी के लिए सड़क निर्माण की मांग की, जिस पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 10 जिले भारत सरकार द्वारा घोषित आकांक्षी जिलों में आते हैं, जिनमें से बस्तर संभाग के 7 जिलों के साथ 3 अन्य जिले राजनांदगांव, महासमुंद तथा कोरबा हैं। इन जिलों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तथा इनमें से वामपंथी उग्रवाद प्रभावित अंचलों में नवनिर्माण के लिए 11,443.76 करोड़ रूपये का विशेष पैकेज भारत सरकार के पास लंबित है, जिसे अतिशीघ्र मंजूर किये जाने की आवश्यकता है।

श्री बघेल ने उपार्जित धान में से पीडीएस के अलावा शेष अनाज के समुचित उपयोग के लिए व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे अनाज का उचित उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की जैव ईंधन नीति, 2018 के प्रावधानों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बायो एथेनाल सयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निजी निवेश को आमंत्रित करने हेतु विज्ञापन जारी किया गया है।

उन्होने झीरम कांड की जांच छत्तीसगढ़ की जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की। उन्होंने कहा कि एनआईए ने कई बिन्दुओं की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई झीरमघाटी की घटना को लेकर एनआईए की कार्यप्रणाली से कुछ असमंजस की स्थिति बनी है, जिसका समाधान नीति संगत रूप से आवश्यक प्रतीत होता है। राज्य शासन द्वारा प्रकरण की डायरी एनआईए को सौंपी गई थी। एनआईए ने अपनी जांच पूरी कर ली तथा प्रकरण समाप्त कर दिया। छत्तीसगढ़ सरकार को इस प्रकरण के कुछ अन्य तथ्यों की जांच हेतु डायरी की आवश्यकता है जिसके लिए राज्य शासन द्वारा तीन बार एनआईए से अनुरोध किया जा चुका है। कृपया संबंधित संस्था को इस बाबत् निर्देश प्रदान किया जाना चाहिए।