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बाबा के संदेश से समाज को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मिली सीख – रमन

राजनांदगांव 27 दिसम्बर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के स्त्री-पुरूष एक समान के संदेश से बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की सीख पूरे समाज को मिली है।इसके अनुसार स्त्री का सदैव सम्मान करना चाहिए एवं उन्हे विकास के समान अवसर देना चाहिए।

डा.सिंह ने आज आज जिले के ग्राम सांकरा में गुरू बाबा घासीदास 261वीं जंयती के अवसर पर आयोजित सतनामी समाज के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा ने संदेश मानवता के लिए दिया है, जो इसका पालन करता है उसका जीवन सार्थक हो जाता है।उनके सातों संदेश आज भी प्रांसगिक है जैसे कई साल पहले थे।गुरु घासीदास ने अपना सूत्र वाक्य हमें दिया है, मनखे-मनखे एक समान, यह समानता का महान संदेश है।यह एक बराबरी वाले समाज का संदेश है जहाँ सभी साझा कर सकें, कोई छोटा-बड़ा न हो।

   उन्होंने कहा कि उनकी करुणा का दायरा व्यापक था, उन्होंने केवल मनुष्यों के लिए नहीं सोचा, पशु-पक्षियों के प्रति भी करूणा का संदेश उन्होंने दिया।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सांकरा में मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए तथा वृहत परिसर निर्माण के लिए 10 लाख रुपए उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। उन्होंने प्राइमरी और मिडिल स्कूल तथा पंचायत भवन के जीर्णाेद्धार की घोषणा भी की। साथ ही पांच लाख रुपए की लागत से सीसी रोड के निर्माण की घोषणा भी की। ग्रामीणों की माँग पर बंधिया तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की। इसके अलावा राम मंदिर के पास मंच निर्माण की घोषणा भी उन्होंने की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुरू बाबा घासीदास की जन्मस्थली और कर्मस्थली से संबधित स्थान जीवंत प्रतीक है। राज्य शासन ने उनके जन्म स्थान गिरौदपुरी को मान मर्यादा के अनुरूप धीरे-धीरे विकास किया गया और आज भारत ही नहीं पूरे विश्व में गौरव प्राप्त कर रहा है। यहां विश्व का सबसे बड़ा जैतखाम का निर्माण किया गया है।कार्यक्रम को लोकसभा सांसद अभिषेक सिंह और विधायक श्रीमती सरोजनी बाई बंजारे और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामजी भारती ने भी संबोधित किया।