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बस्तर के जन-जीवन में गत एक दशक में आया अहम बदलाव – कोविन्द

दन्तेवाड़ा 25 जुलाई।राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा कि पिछले 10-15 सालों में बस्तर के जन-जीवन में काफी महत्वपूर्ण बदलाव आया है। बुनियादी अधोसरंचना के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भी राज्य सरकार द्वारा काफी काम किए गए हैं।

श्री कोविन्द ने आज यहां हीरानार में बिहान महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं और आदिवासी किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 10-15 सालों में बस्तर के जन-जीवन में काफी महत्वपूर्ण बदलाव आया है। बुनियादी अधोसरंचना के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भी राज्य सरकार द्वारा काफी काम किए गए हैं।राष्ट्रपति के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर बस्तर आकर और वनवासियों के बीच रहकर मुझे यहां बेहद प्रसन्नता हो रही है।

उन्होने स्वसहायता समूह की महिलाओं के विशेष अनुरोध पर उनके इस्तेमाल के लिए एक एलईडी टी.वी प्रदान करने की घोषणा की। यह टीवी यहां माता फूलसुन्दरी जैविक कृषि प्रक्षेत्र एवं कड़कनाथ हब हीरानार में स्थापित की जाएगी।राष्ट्रपति माता फुल सुन्दरी जैविक कृषक प्रक्षेत्र एवं कड़कनाथ हब हीरानार का अवलोकन करने के बाद यहां स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर रहे थे।

राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविन्द, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और आदिमजाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर बस्तर के आदिवासी किसान श्री बोसाराम अटामी ने परम्परागत पेयजल पात्र ‘तुम्बा’ और किसान श्री लुदरूराम नाग ने अपने खेत में जैविक पद्धति से उत्पादित चावल की थैली भेंट की।राष्ट्रपति ने आदिवासी किसानों से यह उपहार सहर्ष ग्रहण करते हुए दोनों किसानों के प्रति आभार प्रकट किया।

श्री कोविन्द ने महिलाओं से उनके पारिवारिक हालात और बाल-बच्चों के बारे में जानकारी ली।उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए नियमित रूप  से स्कूल भेजें। शिक्षा से ही विकास के द्वार खुलते हैं। श्री कोविन्द ने बेहतर भविष्य के लिए छोटे परिवार रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिवार के सीमित रहने से बच्चों को और ज्यादा सुविधाएं दी जा सकती हैं।