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पैकरा के विभागों की 5207 करोड़ की अनुदान मांगें पारित

रायपुर 20 फरवरी।विधानसभा में आज गृह, जेल एवं होमगार्ड और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की 5207 करोड़ 71 लाख 49 हजार रूपए की अनुदान मांगें पारित हो गई।

गृह, जेल एवं होमगार्ड और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रामसेवक पैकरा ने आज विधानसभा में गृह विभाग की रूपए 4354 करोड़ 72 लाख 62 हजार की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश के बेहतर विकास में बेहतर कानून व्यवस्था का महत्वपूर्ण योगदान है। खासतौर पर माओवाद प्रस्तावित क्षेत्र में बिना सुरक्षा के विकास कार्य करना कठिन है। राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दृढसंकल्पित है।

श्री पैकरा ने कहा कि विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए हमने पुलिस विभाग की मजबूत आधारशिला तैयार कर ली है। सरकार माओवाद आतंक से लड़ने के लिए दृढ संकल्पित है। पुलिस के जवान अंदरूनी क्षेत्रों में साहस से माओवाद का सामना कर रहे हैं। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमारे कई जवानों ने अपने प्राणों की आहूति दी है, परन्तु हमारे जवानों का बलिदान कदाचित व्यर्थ नहीं जाएगा। वर्ष 2003 में पुलिस विभाग में 26 हजार 278 पद स्वीकृत थे। सरकार ने पिछले 14 वर्षों में कुल 49 हजार 175 नये पद स्वीकृत किए हैं।

उन्होने कहा कि वर्तमान में पुलिस विभाग का कुल स्वीकृत बल 75 हजार 453 है और वर्ष 2018-19 में कुल एक हजार 333 नये पदों के सृजन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में प्रदेश में 300 थाना और 66 चौकी स्वीकृत थे। विगत 14 वर्षों में वर्तमान सरकार ने अपराधों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश में कुल 153 नये थाने और 47 चौकियों का सृजन किया है। इस प्रकार प्रदेश में कुल 453 थाने एवं 113 चौकी स्वीकृत है। आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 में तीन नये थाने एवं छह नवीन पुलिस चौकी खोले जाने का प्रावधान किया गया है।

श्री पैकरा ने कहा कि देश-प्रदेश मे कतिपय नियमित वित्तीय कम्पनियों द्वारा भोले-भाले नागरिकों को राशि कई गुना बढ़ाने का वादा करके धोखाधड़ी किए जाने का प्रकरण सामने आए हैं। इन कम्पनियों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। सरकार ने इन अनियमित वित्तीय कम्पनियों के विरूद्ध प्रत्येक रेंज पर एक-एक प्रकोष्ठ एवं पुलिस मुख्यालय रायपुर में एक प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया है। महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को रोकने के लिए राज्य में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग एवं सरगुजा में महिला थाने के अलावा प्रदेश के थानों में महिला डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रदेश में सड़क दुर्घटना को नियंत्रित करने के लिए नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

श्री पैकरा ने बताया कि विगत वर्ष प्रदेश के 200 थानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इस व्यवस्था से थानों के कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है। वर्ष 2018-19 के बजट में द्वितीय चरण में शेष 232 थानों में सीसीटीव्ही कैमरे स्थापित करने हेतु सरकार ने 232 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। राज्य में सुरक्षातंत्र को मजबूत करने के लिए आगामी बजट में कई नये उपकरणों को क्रय करने का प्रावधान किया गया है। नवीन सुरक्षा उपकरण क्रय करने से आसूचना तंत्र सुदृढ़ होगा एवं अपराधियों पर नजर रखने में आसानी होगी। प्रदेश में डायल 112 योजना का क्रियान्वयन करने के लिए नया रायपुर में कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया जाएगा।

श्री पैकरा ने बताया कि गुमशुदा नाबालिक बच्चों को ढूंढ़ने के लिए पुलिस पूर्णतः कटिबद्ध है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नाबालिक बालक-बालिकाओं के गुम होने के प्रत्येक प्रकरण में संज्ञेय अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 में कई विशेष अभियान जैसे मुस्कान एवं तलाश चलाकर गुमशुदा बच्चों को बरामद किया गया है। गृह मंत्री श्री पैकरा ने बताया कि राज्य में पहली बार छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में 244 महिला आरक्षकों की भर्ती की गई है, जो प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद माओवाद एवं कानून व्यवस्था से निपटने में अपना योगदान देंगे। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन का गठन करके थाना, चौकी एवं प्रशासकीय-आवासीय निर्माण कार्यों में गति लायी गई है। यहां तक के सुकमा के अंदरूनी क्षेत्रों इंजरम, भेज्जी एवं दोरनापाल, जगरगुण्डा का सड़क निर्माण का कार्य भी पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कंधों पर है।
उन्होने कहा कि माओवादियों की हालत पस्त है। उनकी गतिविधियां संकुचित होती जा रही है। केन्द्रीय सुरक्षा बलों की 45 बटालियनों के साथ राज्य बल संयुक्त रूप से माओवादी विरोधी ऑपरेशन चला रहे हैं। वर्ष 2017 में 197 पुलिस माओवादी मुठभेड़ों में लगभग 77 माओवादी मारे गए और 1026 माओवादी को गिरफ्तार किया गया। इनसे कई ऑटोमेटिक वैपन्स सहित 222 हथियार जब्त किए गए हैं। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 366 माओवादियों द्वारा आत्म समर्पण किया गया। माओवादियों के विरूद्ध लड़ाई में 61 पुलिस कर्मियों ने शहादतें दी हैं।