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नाक-कान और गले पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू

रायपुर 17 नवम्बर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से नाक कान गला चिकित्सा विशेषज्ञों की तीन राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हो गई।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर और कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने यहां ‘नाक-कान और गले की ऑइसोकॉन’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।कार्यशाला इंडियन सोसायटी ऑफ ऑटोलाजी द्वारा आयोजित की गई है।

श्री चन्द्राकर ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि नई-नई बीमारियों पर कामयाबी पाने में हम कार्यशाला के माध्यम से सफल हो सकते है।उन्होंने कार्यशाला में देश-विदेश से आए चिकित्सा विशेषज्ञों का सहृदय से स्वागत किया।उन्होने कहा कि यदि हम स्वस्थ्य एवं लोक कल्याणकारी राज्य की बात करे तो देश और राज्य में स्वस्थ्य रहना हम सबका पहला अधिकार है। जब विशेषज्ञ एकत्रित होते है तो बहुत सारे जन कल्याणकारी तथ्य निकलकर सामने आते हैं। बदलते दौर में जो बीमारियां सामने आ रही है कार्यशाला के माध्यम से उस पर नई खोज की जा सकती है। मंत्रियों ने इस मौके पर चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया।

उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ की जलवायु, भौगोलिक स्थिति, मौसम वातावरण भिन्न-भिन्न है। यहां की सामाजिक और क्षेत्रीय परिस्थितियां भी अलग-अलग है। अतः उनके अनुरूप भी विचार-विमर्श करने की आवश्यता है। उन्होने कहा कि आपके प्रयत्नों की सार्थकता कान्फ्रेंस के बाद देखने को मिलेगा।छत्तीसगढ़ की जनता के हित के लिए जो भी बिन्दु सामने आएगा। चिकित्सा सेवा में उसका उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडीकल साइंस तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन नये विषयों पर जागरूक करने की आवश्यकता है।

कार्यशाला में कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वैसे तो शरीर के सभी अंग जरूरी है,   लेकिन नाक, कान और गला विशेष तौर पर शरीर के सबसे जरूरी हिस्सा है। कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शरीर के सभी अंगों में नये-नये बीमारियां देखने को मिल रहा हैं। देश-विदेश के सभी विशेषज्ञ डॉ. अपने अनुभव शेयर करेंगे। वास्तविक रूप में अनुभव सबसे ज्यादा काम आता है। उन्होने कहा कि छोटे शहरों-कस्बों के डॉक्टरों के लिए यह सीखने का बेहतर अवसर है।आज के दौर में ऐसे कान्फ्रेंस बहुत उपयोगी है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि पद्रेश में रायपुर शहर देश की सबसे तेजी से विकसित होते शहर है। छत्तीसगढ़ छोटा पर बहुत सुंदर राज्य है। उन्होंने कार्यशाला में आए चिकित्सों से  नया रायपुर, जंगलसफारी देखने की अपील की। कार्यशाला में रायपुर नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे, इंडियन सोसायटी ऑफ ऑटोलाजी के फाउण्डर मेंबर डॉ. के.के. रामलिंगन, डॉ. रवि रामलिंगन, अध्यक्ष डॉ. अयप्पा, डॉ. हंसा बंजारा, फ्रांस(पेरिस) से डॉ. डेरिनयल बसाउसी, जर्मनी से डॉ. माइकल स्टूप, पेरिस से डॉ. ऑलिवर स्टरकर सहित देश के  विभिन्न राज्यों के चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए।कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डा.राकेश गुप्ता ने आभार जताया और आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।