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ताईवान और छत्तीसगढ़ के बीच प्रौद्योगिकी विकास सहायता निधि शुरू

रायपुर 20 अगस्त।ताईवान की नेशनल-चिन-यी-यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्नोलॉजी (एन.सी.यू.टी)  और छत्तीसगढ़ सरकार की संस्था छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के बीच प्रौद्योगिकी विकास सहायता निधि (टी.जी.जी.एस.एफ.) की शुरूआत की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में यह शुरूआत हुई।इस निधि का उपयोग छत्तीसगढ़ में स्थापित कंपनियों को लाइसेंसिंग में सहायता करने तथा उत्पाद विकास के लिए प्रौद्योगिकियों के विकास और अधिग्रहण करने में किया जायेगा।

डॉ.सिंह ने कहा कि नये राज्य की स्थापना के बाद से ही छत्तीसगढ ने तीव्र गति से विकास किया है। छत्तीसगढ़ ने देश में सुशासित और तीव्र औद्योगिक विकास करने वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। राज्य शासन ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा ज्ञान युक्त समाज बनाने का कार्य प्रारंभ किया है।आई.टी.एवं आई.टी. आधारित उद्योगों की नीति एवं निवेश नीति में अनेक तरह की रियायतें प्रदान की जा रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में तेजी से उभरता हुआ राज्य है। उनके नेतृत्व में विगत 15 वर्षों में यहां उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना विकास के अनेक कार्य हुए हैं, जिससे राज्य का चौतरफा विकास हुआ है, इससे यहां उद्योगों और निवेश के लिए बेहतर वातावरण बना है। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से ताइवान के प्रतिनिधि मंडल का परिचय भी कराया।