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चरित्र एवं व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए विश्वविद्यालय- पटेल

रायपुर 11 सितम्बर।छत्तीसगढ़ की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने  विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा कि वह विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के अलावा उनके चरित्र एवं व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने आज यहां राजभवन में आयोजित कुलपतियों की बैठक में कहा कि विश्वविद्यालयों को उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों की श्रेणी में शामिल होने के लिए एक रोडमैप बनाना चाहिए। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में एंटी रैंगिंग सेल और बालिकाओं के लिए लैंगिक शोषण प्रकोष्ठ भी बनाना चाहिए। सभी विश्वविद्यालयों में जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए एक निधि बनानी चाहिए, जिसे विद्यार्थी ही आपस में इकट्ठा करें।

उन्होने पी.एच.डी. में होने वाले अनियमितताओं को रोकने के लिए उसके साक्षात्कार की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय उनकी सुविधानुसार देर तक खुले रहने चाहिए। उन्होने सभी कुलपतियों को विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में जाकर विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने और उसके निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों से विश्वविद्यालयों को लिंकेज करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को रोजगार मिल सके।

श्रीमती पटेल ने सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों विशेषकर बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना चाहिए, जिससे उनकी शारीरिक कमियों, कुपोषण आदि का समय पर पता लग सके। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में ऐसे सेमिनार आयोजित किए जाने चाहिए, जिसमें विद्यार्थियों के परिजनों को भी विशेष रूप से बुलाया जाए।