Friday , May 20 2022
Home / MainSlide / कृषि मंत्री ने छैलडोंगरी के समाधान शिविर में मंजूर किए कई विकास कार्य

कृषि मंत्री ने छैलडोंगरी के समाधान शिविर में मंजूर किए कई विकास कार्य

गरियाबंद 30 जून।छत्तीसगढ़ में चल रहे लोक सुराज अभियान में आज कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड के छैलडोंगरी में आयोजित समाधान शिविर में सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित लगभग 28 लाख रूपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यो की घोषणा की।

कृषि मंत्री ने गर्मी के मौसम में क्षेत्र के गांवों में पेयजल व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए बिगड़े हैण्डपंपों का सुधार करने और हैण्डपंपों में आवश्यकता अनुसार राईजिंग पाईप लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

लोक सुराज अभियान के तहत मैनपुर विकासखण्ड के ग्राम छैलडोंगरी में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। श्री अग्रवाल ने समाधान शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और अभियान के प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के स्टाल में अपना शुगर टेस्ट भी कराया। निरीक्षण पश्चात उनके द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन को अपने सामने बुलाकर शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की।

गरियाबंद जिले के प्रभारी श्री अग्रवाल ने ग्राम छैलडोंगरी में पेयजल के लिए सोलर पंप लगाने, ग्राम भेजीपदर में संचालित स्थल जल प्रदाय योजना की पाईपलाईन बढ़ाने, गिरसूल में पेयजल व्यवस्था में सुधार करने, गोहरापदर में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना अंतर्गत कुंआ निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा तेतलखुंटी, धुर्वागुड़ी, कांडेकेला एवं गुरजी भाठा में अतिशीघ्र नया ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए।उन्होंने ग्राम छैलडोंगरी के माता देवालय के सामने सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 5 लाख रूपये, छैलडोंगरी में सी.सी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रूपये एवं माध्यमिक शाला में अहाता निर्माण के लिए 5 लाख रूपये और दो आंगनबाड़ी भवनों के लिए 13 लाख रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की।

समाधान शिविर में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री अग्रवाल ने किसानों को फसल चक्र परिवर्तन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान धान की खेती के अलावा दलहन-तिलहन, साग-भाजी, पशुपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन को भी अपनायें। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना अंतर्गत अपने खेतों में डबरी एवं कुओं का निर्माण करें, इससे जल स्तर बढ़ेगा, साथ ही साथ वे साग-सब्जी व मछली पालन का कार्य कर सकते हैं। फसल चक्र परिवर्तन अपनाकर नगदी फसल लेने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।