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कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में सरकार के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी-रमन

रायपुर 10 नवम्बर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज की भागीदारी पर विशेष रूप से बल दिया है।

डा.सिंह ने आज यहां मुख्यमंत्री सुपोषण मिशन की शुरूआत करते हुए कहा कि सरकार और समाज के मिले-जुले प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के बच्चों में कुपोषण के स्तर में काफी कमी आयी है।उन्होने कहा कि राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर लगभग 70 प्रतिशत थी वर्ष 2012 में वजन त्यौहार शुरू होने के पांच वर्ष के भीतर कुपोषण का स्तर 40.05 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2016 की स्थिति में 30.13 प्रतिशत रह गया है।

उन्होने सभी लोगों से छत्तीसगढ़ को अगले तीन साल में कुपोषण मुक्ति की दिशा में केरल राज्य के बराबर लाने का आव्हान करते हुए कहा कि केरल में आज की स्थिति में कुपोषण का स्तर घट कर 12 प्रतिशत रह गया है। छत्तीसगढ़ को भी इस दिशा में केरल की बराबरी करने की जरूरत है।

डा.सिंह ने आगे कहा कि कुपोषण छत्तीसगढ़ के विकास के मार्ग में एक बड़ी चुनौती है और मुझे लगता है कि यह नक्सलवाद से भी बड़ी चुनौती है। नक्सलवाद के खिलाफ तो हमारी लड़ाई चल ही रही है और उस दिशा में हम कामयाब भी हो रहे हैं, लेकिन स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कुपोषण के खिलाफ भी हमारी लड़ाई जारी है और हम सब मिलकर इसमें जरूर विजयी होंगे।मुख्यमंत्री ने कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों की भूमिका को भी बहुत महत्वपूर्ण बताया।