Wednesday , December 1 2021
Home / MainSlide / किसानों को प्राकृतिक विपदा में चिंतित होने की जरूरत नहीं- रमन

किसानों को प्राकृतिक विपदा में चिंतित होने की जरूरत नहीं- रमन

महासमुन्द 04 अक्टूबर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने राज्य के सूखा प्रभावित किसानों से कहा है कि उन्हें इस प्राकृतिक विपदा में चिंतित होने की जरूरत नहीं है।राज्य सरकार हर हाल में उनको हर संभव मदद के लिए तत्पर है।

डा.सिंह ने आज दोपहर महासमुन्द जिले के गढ़फुलझर में कोलता समाज द्वारा आयोजित रामचण्डी दिवस समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष मानसून की कम बारिश के कारण प्रदेश सरकार ने 27 में से 21 जिलों की 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है।इन तहसीलों में प्रभावित किसानों को तीन प्रकार से समुचित मदद मिलेगी। उन्हें राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत फसल क्षति का उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण के निर्देश जारी कर दिए हैं। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी लाभ मिलेगा।

उन्होने कहा कि इसके अलावा किसानों को उनके द्वारा सहकारी समितियों में वर्ष 2016 में बेचे गए धान पर 300 रूपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी दिया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर बोनस तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 13 लाख से ज्यादा किसानों को 2100 करोड़ रूपए का बोनस देने की शुरूआत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलता समाज मेहनतकश लोगों का और विशेष रूप से किसानों का प्रगतिशील समाज है।यह समाज खेती के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी तरक्की कर रहा है।  उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि समाज के लोग नशे की बुराई और अन्य कई प्रकार की सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागृत हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बसना विकासखंड के स्वच्छ और गुलाबी रंग में रगें नानकसागर गांव की स्वच्छता की तारीफ की और इसे अन्य गांवों के लिए भी अनुकरणीय बताया। समारोह को महासमुन्द के लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू ने भी सम्बोधित किया।

समारोह में खल्लारी के विधायक श्री चुन्नीलाल साहू, सरायपाली के विधायक श्री रामलाल चौहान, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के अध्यक्ष श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर पाड़े, पूर्व राज्यमंत्री श्री पूनम चन्द्राकर, पूर्व राज्य मंत्री श्री देवेन्द्र बहादुर सिंह, पूर्व संसदीय सचिव और पूर्व विधायक डॉ. त्रिविक्रम भोई तथा कोलता समाज के संरक्षक श्री चंद्रमणि प्रधान सहित सर्वश्री व्यासदेव भोई, हरिचरण प्रधान, चन्द्रमणी प्रधान, दुर्गा प्रसाद साहू, समाज के प्रांतीय अध्यक्ष श्री राजकुमार गुप्ता, ग्राम पंचायत गढ़फुलझर की सरपंच श्रीमती वृन्दावती पाण्डे और अन्य अनके पंचायत प्रतिनिधि तथा सीमावर्ती ओड़िशा राज्य से आए कोलता समाज के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।