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कश्यप के विभागों की 30 हजार 671 करोड़ की अनुदान मांगें पारित

रायपुर 21 फरवरी।छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज स्कूल शिक्षा, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास विभागों से संबंधित आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए कुल 30 हजार 671 करोड़ 67 लाख रूपए की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

अनुदान मांगों पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए इन विभागों के मंत्री श्री केदार कश्यप ने विभिन्न वित्तीय प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।पारित अनुदान मांगों में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए तीन हजार 180 करोड़, 3 लाख 76 हजार रूपए और आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए विभिन्न मदों में अलग-अलग राशि का प्रावधान किया गया है। सर्वाधिक 15 हजार 321 करोड़ 71 लाख 16 हजार रूपए मांग संख्या-41 के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति उपयोजना (आदिवासी उपयोजना के लिए) निर्धारित किए गए हैं।

अनुदान मांगों में मुख्य रूप से मांग संख्या 82 के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति उपयोजना में ही त्रिस्तरीय पंचायतों को वित्तीय सहायता के लिए दो हजार 111 करोड़ 15 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। आदिम जाति कल्याण के लिए दो हजार 074 करोड़ 60 लाख रूपए की धन राशि मांग संख्या-33 में रखी गई है। इसी कड़ी में नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता देने अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत मांग संख्या 83 में 77 करोड़ 94 लाख 60 हजार रूपए की धनराशि रखी गई है।

अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत मांग संख्या 42 में लोक निर्माण (सड़क और पुल) के लिए एक हजार 082 करोड़ 19 लाख रूपए, मांग संख्या 15 के अंतर्गत अनुसूचित जाति उपयोजना में त्रिस्तरीय पंचायतों को वित्तीय सहायता देने के लिए 686 करोड़ 03 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत मांग संख्या 64 में पांच हजार 622 करोड़ 83 लाख 50 हजार रूपए निर्धारित किए गए हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 271 करोड़ 83 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत मांग संख्या 53 में नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता देने के लिए 54 करोड़ 15 लाख 50 हजार रूपए का प्रावधान रखा गया है।

अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए श्री केदार कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निवासरत गरीब, कमजोर तथा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों के समग्र उत्थान के लिए सरकार कृत संकल्पित है। इनके सम्पूर्ण विकास के लिए शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में जगदलपुर में अमर शहीद गुण्डाधूर के स्मारक तथा संग्रहालय की स्थापना की जायेगी।इस वर्ष शहीद वीर नारायण सिंह की कांस्य प्रतिमा सोनाखान में स्थापित की जायेगी और उनके आवास का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

श्री कश्यप ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में प्रदेश के 633 छात्रावासों तथा आश्रमों के भवनों का निर्माण कार्य किया जाएगा। इनमें 410 छात्रावासों तथा आश्रमों के भवन विश्व बैंक की सहायता से बनाये जायेंगे। इसके अलावा 77 छात्रावासों तथा आश्रमों के भवन का निर्माण कार्य नाबार्ड की सहायता से 146 छात्रावासों तथा आश्रमों के भवन का निर्माण कार्य जिला खनिज न्यास निधि से किया जाएगा।

श्री कश्यप ने बताया कि बस्तर जिले के भानपुरी में कन्या क्रीडा परिसर की स्थापना की जाएगी। इस वर्ष जशपुर तथा कोरबा में भी नवीन प्र्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ किया जाएगा। चालू वर्ष से ही प्रयास आवासीय विद्यालय बिलासपुर, अम्बिकापुर, बस्तर तथा दुर्ग में कक्षा नवमीं और कांकेर में कक्षा 11वीं प्रारंभ होगा।इस वर्ष प्रयास आवासीय विद्यालयों के आईआईटी तथा एनआईटी में प्रवेशित विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किया जाएगा।चालू वर्ष से हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत छात्रावासों में निवासत कक्षा 11वीं तथा 12वीं के विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के लिए रायपुर स्थित विभिन्न स्थलों का भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है।