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धान खरीद की मांग को लेकर हुए हंगामे के कारण कार्यवाही हुई स्थगित

रायपुर 27 अक्टूबर।छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज समर्थन मूल्य पर धान खरीद एक नवम्बर से शुरू करने की मांग को लेकर भाजपा सदस्यों एवं सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोक एवं नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

भाजपा के शिवरतन शर्मा ने शून्यकाल में धान खरीद का मामला उठाते हुए कहा कि धान की अगेती फसलों की आधे से ज्यादा मिंजाई हो चुकी है।सरकार ने एक दिसम्बर से धान खरीद का निर्णय लिया है।देर से खरीद होने से किसानों को सूखत का नुकसान उठाना पड़ेगा।भाजपा के ही नारायण चंदेल ने कहा कि केन्द्र ने इस बार 60 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने की हामी भरी है,तो प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीद होनी चाहिए।

भाजपा के ही अजय चन्द्राकर ने कहा कि किसान को धान को डेढ़ महीने तक घर पर रखना पड़ेगा,इससे सूखत का नुकसान उसे होगा।दीपावली 15 नवम्बर को है।क्या बाध्यता है कि एक नवम्बर से खरीद नही शुरू हो सकती।भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सत्र किसानों के हित में बुलाया गया है,तो इसमें एक नवम्बर से धान खऱीद की घोषणा की जानी चाहिए।उन्होने आसंदी से कहा कि हम स्थगन देंगे,या हमारा स्थगन ले या फिर 139 के तहत चर्चा करवा ले।

पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने कहा कि मंडियों में धान का आना शुरू हो गया है।पिछले 15 वर्षों से परम्परा रही है कि किसान खेत से सीधे धान को बेचने के लिए सोसाइटी लेकर जाता रहा है।इसके साथ ही पक्ष विपक्ष में नारेबाजी शुरू हो गई।आसंदी ने सदस्यों को शान्त करने का प्रयास किया इसके बाद सदन की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया।