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छत्तीसगढ़ समाचार
07/29/2010

12:17:05

   छत्तीसगढ़ में 984.58 करोड़ रूपए का प्रथम अनुपूरक बजट पारित

रायपुर 29 जुलाई।छत्तीसगढ़ विधानसभा ने आज चालू वित्त वर्ष  के 984 करोड़ 58 लाख रूपए के प्रथम अनुपूरक को मंजूरी प्रदान कर दी।

   प्रथम अनुपूरक को मिलाकर अब राज्य का चालू वित्त वर्ष का मुख्य बजट प्रावधान 26 हजार 099 करोड़ 66 लाख रूपए से बढ़कर 27 हजार 084 करोड़ 20 लाख रूपए हो जाएगा। पारित किए गए 984 करोड़ 58 लाख रूपए के प्रथम अनुपूरक बजट अनुमान के अंतर्गत प्रावधानित व्यय में राजस्व व्यय 761 करोड़ 73 लाख 21 हजार 600 रूपए और पूंजीगत व्यय 222 करोड़ 85 लाख 01 हजार 700 रूपए का होगा।

     मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह चर्चा का जवाब देते हुए आज कहा कि राज्य का वित्तीय प्रबंधन काफी बेहतर रहा है। महालेखाकार से प्राप्त रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बताया कि राज्य का प्रति व्यक्ति विकासीय व्यय और सामाजिक क्षेत्र का व्यय अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का कुल व्यय तथा सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।इसका आशय यह है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग आम जनता के अधिकतम लाभ के लिए विकासोन्मुखी योजनाओं में किया गया है।

    उन्होंने राज्य के बेहतर वित्तीय प्रबंधन का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि बारहवें वित्त आयोग की अवधि में राज्य द्वारा अधिसूचित किए गए राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के द्वारा तय किया गया था कि राजस्व घाटा शून्य तथा वित्तीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत की सीमा में रखा जाए।गत दो वर्षों की आर्थिक मंदी के बावजूद हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हुए हैं। वर्ष 09-10 में राजस्व घाटे के स्थान पर राजस्व अतिशेष 888 करोड़ 70 लाख रूपए रहा और वित्तीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 1.7 प्रतिशत (एक दशमलव सात प्रतिशत) रहा।

  मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बताया कि राज्य के वेतन तथा मजदूरी पर होने वाला व्यय लगभग 29 प्रतिशत रहा है, जो कि बारहवें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित की गयी 35 प्रतिशत की व्यय सीमा से काफी कम है। उन्होंने कहा कि ब्याज भुगतान तथा राजस्व प्राप्ति का अनुपातिक आंकड़ा वर्ष 2006-07 में 8.96 प्रतिशत था, जो वर्ष 2008-09 में 6.98 प्रतिशत हो गया। यह दर्शाता है कि राज्य की ऋण वहनीयता में लगभग दो प्रतिशत की वृध्दि हुई है और भविष्य में भी राज्य की ऋण लेने की क्षमता में और अधिक सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी बताया कि राज्य के व्यय की क्षमता में भी सुधार आया है।

 

    


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