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दोगुनी राशि भुगतान करने के मामले की जांच सदन की समिति को

रायपुर29
जुलाई।छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज खरसिया शाखा नहर के ठेकेदार
को न्यायालय के आदेश से दोगुनी राशि आठ करोड़ भुगतान करने के
मामले को जांच के लिए विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने सदन की
प्रश्न एवं संदर्भ समिति को सौंप दिया।
कांग्रेस सदस्य नन्द कुमार पटेल ने प्रश्नोत्तरकाल में
खरसिया शाखा नहर के भुगतान में गड़बड़ी का मामला उठाया।कांग्रेस
सदस्य ने कहा कि
खरसिया शाखा नहर सिंचाई परियोजना में तय अवधि में लगभग 20
प्रतिशत काम
करने वाली कम्पनियों के रद्द ठेके के बाद उन्हे
तीन करोड़ 65
लाख रूपए की राशि के भुगतान का आदेश था पर उन्हे इसकी बजाय आठ
करोड रूपए का भुगतान किया गया।
जल संसाधन मंत्री हेमचन्द यादव ने बताया कि खरसिया शाखा नहर
का काम तीन अनुबंधों के आधार पर
7
फरवरी 02 को शुरू किया गया। इसके लिए
विजयवाड़ा की कंपनी
मेसर्स इंटीग्रल कंस्ट्रक्शन को ठेका दिया गया था।कंपनी के साथ
1 करोड़ 81 लाख,
1 करोड़ 50
लाख और
77
लाख रूपए के तीन अनुबंध किए गए थे। इसमें से पहले दोनों
कार्यों को 15 माह और तीसरे काम को
10 माह में पूरा करना था।तत्कालीन
ईएनसी के आदेश पर 16 दिसंबर 02
को ठेका रद्द कर दिया गया। ठेका रद्द होने की तिथि तक एक काम
22 फीसदी और दो अन्य काम 10.75
तथा 21 फीसदी ही पूरे हुए थे। मंत्री
ने कहा कि ठेका रद्द होने पर यह मामला आर्बिटे्रटर के पास गया
था और उन्होंने ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया। चार करोड़
रुपए का 18 प्रतिशत ब्याज के साथ
भुगतान किया गया।
श्री पटेल ने कहा कि ब्याज समेत भुगतान करने के आदेश के
खिलाफ अपील की जानी चाहिए थी।इस तरह बगैर काम किए कोई भी
ठेकेदार पैसा ले सकता है। मंत्री ने बताया कि मामले में शासन
के विधि विभाग से राय ली गई थी। विभाग ने सुझाव दिया था कि
अपील करने के लिए उनके पास कोई ग्राउंड नहीं है। अगर सुप्रीम
कोर्ट में अपील की जाती है तो संभव है कि अदालत राशि में कई
गुना इजाफा कर दे।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि एक तरफ सरकार हसदेव बांगों के
कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रही है,
वहीं इस मामले में केवल दो दिन के भीतर
ठेकेदार को दोगुना भुगतान कर दिया गया। सरकार ने इस मामले में
महाधिवक्ता से भी राय नहीं ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस
मामले में भ्रष्टाचार हुआ है और इसकी सदन की कमेटी से जांच
करानी चाहिए।मंत्री ने सदन की कमेटी से जांच कराने से इंकार
करते हुए कहा कि यह कमेटी के जांच का विषय नहीं है। वे इस
मामले की तकनीकी परीक्षक से जांच करवाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र
चौबे ने भी इस मामले की सदन की कमेटी से जांच कराने का आग्रह
करते हुए कहा कि दक्षिण भारत की कंपनियां यहां पर लूटने आई
हैं।श्री
चौबे एवं अन्य कांग्रेस सदस्यों ने अध्यक्ष से मामले को
संज्ञान में लेते हुए व्यवस्था देने का अनुरोध किया।अध्यक्ष ने
मंत्री से समिति के
गठन के बारे में राय मांगी और उसके बाद इसे प्रश्न संदर्भ
समिति को सौंप
दिया।
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