|
केन्द्र से एपीएल के लिए खाद्यान्न मांगने शासकीय संकल्प पारित

रायपुर
29 जुलाई।छत्तीसगढ़ विधानसभा ने आज राज्य के
12 लाख एपीएल कार्डधारकों
को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र से
61
हजार टन चावल और 32 हजार टन गेहूं
का आबंटन मांगने शासकीय संकल्प पारित कर दिया।
विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने एपीएल को भी बीपीएल की दर पर
चावल और गेहूं दिए जाने की मांग की लेकिन मंत्री द्वारा इस
मांग पर कोई टिप्पणी नही किए जाने पर संकल्प पारित होने से
पहले ही सदन से बहिर्गमन किया।उनकी अनुपस्थिति में संकल्प
पारित हुआ।
खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने यह शासकीय संकल्प
प्रस्तुत किया।संकल्प पर हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष
रविन्द्र चौबे ने आरोप लगाया कि एपीएल के लिए राशन मांगने
केन्द्र को प्रस्ताव भेजने की जरूरत ही नहीं थी,विभाग की
लापरवाही के कारण ही एपीएल के कोटे में कटौती हुई है। इसी तरह
पहले
37
लाख बीपीएल परिवारों को रियायती दर पर अनाज उपलब्ध कराया जा
रहा था अब ढाई लाख राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं।उन्होंने
आरोप लगाया कि भाजपा के लोग गरीबों का चावल उठाते थे।
कांग्रेस सदस्य मोहम्मद अकबर ने भी कहा एपीएल का कोटा
केन्द्र ने इसीलिए कमकिया क्योंकि लगातार चावल का उठाव नहीं हो
रहा था। उन्होंने पूछा सरकार पहले यह बताए कि एपीएल को ही
बीपीएल की दर पर चावल देंगे या नहीं?
बीपीएल की दर पर
चावल देने पर ही वे इसका समर्थन करेंगे।चावल की अफरा-तफरी के
लिए कांग्रेस इसका समर्थन नहीं कर सकती। धर्मजीत सिंह ने भी
इसी तरह अपनी बात रखी।
खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने विपक्ष के इस आरोप को गलत
बताया कि चावल नहीं उठाने के कारण एपीएल कोटे में कटौती की गई
है। उ.होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने
2007से
चावल ही कम कर दिया है तो चावल नहीं उठाने का प्रश्न ही नहीं
उठता। उन्होंने एपीएल को बीपीएल की दर पर चावल-गेहूं देने की
विपक्ष की मांग पर कहा कि केन्द्र सरकार जिस दर पर चावल और
गेहूं देगा,
राज्य सरकार उसी दर पर चावल-गेहूं देगी।
|