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छत्तीसगढ़ समाचार
07/26/2010

12:44:16

                कुपोषण मुक्ति के लिए काम करना सबसे ज्यादा जरूरी-रमन

रायपुर 26 जुलाई।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कुपोषण मुक्त राज्य के  निर्माण को एक गंभीर चुनौती करार देते हुए कहा है कि स्वस्थ जीवन देने के उद्देश्य से कुपोषण मुक्ति के लिए काम करना विकास के अन्य किसी भी कार्य के मुकाबले सबसे ज्यादा जरूरी है। 

   मुख्यमंत्री डॉ.सिंह आज यहां विधानसभा स्थित समिति कक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में छत्तीसगढ़ कुपोषण उन्मुक्ति पर आयोजित परिसंवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुराने मापदंड के अनुसार कुपोषण की दर 52 प्रतिशत है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) के नये मापदंड के अनुसार अब यह 47 प्रतिशत के आसपास है। इसे और भी कम करने के लिए हर संभव प्रयास राज्य शासन द्वारा किए जा रहे हैं। 

   उन्होने कहा कि बच्चों में व्याप्त कुपोषण को दूर कर सुपोषित पीढ़ियों का निर्माण करना जनप्रतिनिधियों की प्रमुख जिम्मेदारी है। प्रदेश के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है। जिनके प्रभावी मानिटरिंग के लिए जनप्रतिनिधि सतत निरीक्षण करते रहें। उन्होंने कहा कि केरल राज्य में सबसे कम कुपोषण दर है, छत्तीसगढ़ में कुपोषण की स्थिति वहां तक पहुंचाने का लक्ष्य रखना है। इसके लिए अन्य किसी भी विकास कार्य की अपेक्षा कुपोषण को दूर करने की दिशा में ज्यादा समय देने की जरूरत है।

    विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने  इस मौके पर कहा कि प्रदेश के बच्चों में व्याप्त कुपोषण की दर में हालांकि काफी गिरावट आयी है, लेकिन इस दिशा में अभी और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि आगामी एक सितम्बर से सात सितम्बर तक  पूरे प्रदेश में कुपोषण मुक्ति सप्ताह मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कुपोषण मुक्ति की दिशा में अच्छा कार्य कर अपने पंचायत को  कुपोषण मुक्त बनाने वाले पंचायत को सुपोषित पंचायत के रूप में पुरस्कृत करने की योजना बनाई जाए, तो इस तरह की योजना से भी लोगों को कुपोषण मुक्ति की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने आभार व्यक्त किया।

 

 


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