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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 26 जुलाई से

रायपुर
25
जुलाई।छत्तीसगढ़ विधानसभा के कल से शुरू हो रहे मानसून सत्र के
काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।
इस सत्र में कुल सात बैठके होगी जिसमें विपक्ष ने नक्सल
हिंसा सहित कई घपले-घोटालों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी की
है। इस सत्र में ही राज्य सरकार प्रथम अनुपूरक बजट तथा तीन
विधेयक सत्र के दौरान पेश किए जाएंगे।सत्र के लिए दोनों पक्षों
के विधायकों ने
600सौ
से ज्यादा प्रश्न और सौ से ज्यादा ध्यानाकर्षण की सूचना दी है।
सत्र में विपक्ष मुख्य रूप से बढ़ती नक्सली वारदातों के
लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा।बजट सत्र के
बाद दंतेवाड़ा के तालमेटला में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़
में 76 सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने की जहां देश की सबसे बड़ी
घटना घटित हुई वहीं नारायणपुर मे धौराई में 27 सीआरपीएफ जवान
शहीद हो गए।
इन बड़ी घटनाओं के अलावा नक्सली पर दिन किसी न किसी वारदात
को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते रहे है।इस मसले को
लेकर कांग्रेस के लगभग सभी सदस्यों ने स्थगन सूचना दी
हैं।विपक्षी सदस्य केन्द्र के सहयोग के बावजूद राज्य सरकार के
नक्सल वारदातों पर काबू लगाने में कथित विफलता को लेकर रमन
सरकार पर हमला बोलेंगे।
विपक्षी हमलों का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से भी
पूरी रणनीति तैयार की जा रही है।कल
26जुलाई
को सत्र के पहले दिन की कार्रवाई भटगांव के दिंवगत विधायक
रविशंकर त्रिपाठी को ज्ञध्दांजलि देने के बाद स्थगित कर दिए
जाने की संभावना है।इस सत्र में नर्सिंग होम एक्ट का विधेयक
पेश करेगी।इसके अलावा अवैध प्लाटिंग करने वालों पर जुर्माना
करने के लिए संशोधन विधेयक एवं राजभाषा आयोग के लिए एक विधेयक
लाया जाएगा।
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