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छत्तीसगढ़
का पहला
पोषण पुनर्वास केन्द्र जांजगीर में शुरू
रायपुर 19 जुलाई।बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए छत्तीसगढ़
का पहला पोषण पुनर्वास केन्द्र शासकीय
जिला अस्पताल जांजगीर में शुरू हो गया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री
अमर अग्रवाल ने कल इस केन्द्र का शुभारंभ किया।उन्होंने
अस्पताल में बच्चों को
पोषण आहार भी खिलाया।सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले और विधायक
श्री नारायण
चंदेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल ने
इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ में बच्चों में कुपोषण की दर
अधिक है।
बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए ही प्रदेश के बीस
स्वास्थ्य केन्द्रों में पोषण पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना
की जा रही है। इसी के
तहत जांजगीर में पोषण पुनर्वास केन्द्र की स्थापना की गई है।
इन केन्द्रों के
माध्यम से कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने डॉक्टरों
से कहा कि वे बच्चों
का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें और कुपोषण के शिकार बच्चों
को समुचित पोषण आहार
प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को जरूरत पड़ने पर
उन्हें बड़े
अस्पतालों में रिफर किया जाए। रिफर किए जाने की स्थिति में
बच्चे को लाने-ले-जाने
का खर्चा भी राज्य शासन द्वारा दिया जाएगा।
श्री अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के
समुचित देखभाल के लिए प्रत्येक केन्द्र में पांच-पांच बिस्तर
कुपोषित बच्चों के लिए
आरक्षित किए जा रहे है। इसके साथ ही बच्चों को सही मात्रा में
पोषण आहार प्रदान
करने के लिए आहार विशेषज्ञों और रसोईयों की भी भर्ती की जा रही
है। इन केन्द्रों
में बच्चों के साथ उनकी माताओं को भी पोषण आहार प्रदान किया
जाएगा। पोषण पुनर्वास
केन्द्र शुरू करने के लिए आवश्यक राशि संबंधित अस्पतालों को
भेज दी गई है।
ज्ञातव्य है कि जांजगीर के अलावा शासकीय जिला अस्पताल
अम्बिकापुर,
बिलासपुर,
धमतरी,
दंतेवाड़ा,
दुर्ग,
जशपुर,
कांकेर,
कवर्धा,
कोरबा,
कोरिया,
महासमुंद,
रायगढ़,
रायपुर और जिला अस्पताल राजनांदगांव में भी पोषण पुनर्वास
केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पांच सामुदायिक
स्वास्थ्य केन्द्र
पेण्ड्रारोड,
बीजापुर,
नारायणपुर,
कोण्डागांव और गरियाबंद भी पोषण पुनर्वास केन्द्र
के लिए चयन किया गया है।
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