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रमन ने शिवनाथ को बचाने की मुहिम को हवाई
सर्वेक्षण कर बढ़ाया आगे
रायपुर 18 जुलाई।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने आज शिवनाथ नदी का हवाई
सर्वेक्षण को इसे बचाने की मुहिम को आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री डा.सिंह ने सर्वेक्षण के प्रथम चरण की
शुरूआत राजनांदगांव जिले में मोंगरा जलाशय से की और रायपुर
जिले के सिमगा से आगे
नांदघाट तक नदी के हालात का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने मोंगरा ने
नांदघाट तक,
दो
घंटे तक पांच सौ फीट से भी नीचे उड़ान भरते हुए नदी की लगभग ढाई
सौ किलोमीटर की
सर्पाकार पट्टी का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि शिवनाथ नदी के संरक्षण के लिए विशेष
कार्ययोजना तैयार करना उनके आज
के इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री के साथ
हवाई सर्वेक्षण में
प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण एन.बैजेन्द्र कुमार,
जल संसाधन विभाग के सचिव
सी.के.खेतान और ऊर्जा विभाग के सचिव अमन कुमार सिंह भी थे।
डॉ.सिंह ने कहा कि वे सर्वेक्षण के दूसरे
चरण में निकट भविष्य में नांदघाट से आगे शिवरीनारायण तक
हेलीकॉप्टर से इस नदी का
अवलोकन करेंगे,
जहां महानदी और जोंक नदी के साथ शिवनाथ का त्रिवेणी संगम बनता
है।
उन्होने कहा कि शिवनाथ न केवल राजनांदगांव जिले की बल्कि
छत्तीसगढ़ के एक बहुत
बड़े अंचल की भी प्राकृतिक जीवन रेखा है। इसमें जहां कहीं भी
गहरीकरण और साफ-सफाई की
जरूरत होगी,
वह सबके सहयोग से किया जाएगा। इसके अलावा नदी के दोनों किनारों
पर कटाव
रोकने के लिए वृक्षारोपण करते हुए बाढ़ नियंत्रण की योजना भी
क्रियान्वित की जाएगी।
नदी में जहां कहीं भी लघु सिंचाई योजना के रूप में स्टाप डेम,
एनीकट आदि की जरूरत
होगी,
उनके निर्माण के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि
शिवनाथ के साथ-साथ प्रदेश में अन्य नदी-नालों के संरक्षण के
लिए भी राज्य शासन
द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। बिलासपुर जिले में अरपा नदी के
लिए विशेष प्राधिकरण
गठित किया जा चुका है। बहुत जल्द इस प्राधिकरण के जरिए अरपा के
संरक्षण और विकास के
लिए भी कार्ययोजना तैयार कर उस पर अमल किया जाएगा। कबीरधाम
जिले में सकरी नदी को
बचाने के लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शिवनाथ नदी छत्तीसगढ़ की प्रमुख जीवन रेखा
महानदी की सहायक है।
राजनांदगांव जिले के अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम कोड़गुल से
निकलकर शिवनाथ
रायपुर जिले में धरसींवा के पास सोमनाथ में खारून नदी से मिलती
है और वहां से
सिमगा,
नांदघाट होते हुए बिलासपुर तथा जांजगीर-चाम्पा जिले का सफर
करते हुए
शिवरीनारायण में महानदी और जोंक नदी के साथ संगम में समाहित हो
जाती है। शिवनाथ की
कुल लम्बाई लगभग
364
किलोमीटर है।
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