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उपार्जित धान से
20
लाख टन एफसीआई ले,रमन ने पवार से की मांग

रायपुर/नई दिल्ली 14 जुलाई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन
सिंह ने केन्द्रीय खाद्य मंत्री शरद पवार से
राज्य में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान में से
20
लाख टन धान भारतीय खाद्य निगम .एफसीआई.को लेने के लिए
निर्देशित करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री डा.सिंह ने यह मांग आज नई दिल्ली में खाद्य
मंत्री श्री पवार के साथ हुई बैठक के दौरान की। बैठक में
प्रमुख सचिव खाद्य
विवेक ढांड और मुख्यमंत्री के सचिव अमन सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री
ने श्री पवार को बताया कि
राज्य में इस वर्ष 50
लाख टन धान उपार्जित होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ को इसमें
से मात्र 12
लाख टन चावल की आवश्यकता पड़ती है,शेष
लगभग 20
लाख टन चावल भारतीय
खाद्य निगम के माध्यम से अन्य प्रांतों में भेजा जाता है।इस
तरह राज्य को
अन्य प्रान्तों के लिए लगभग
30
लाख टन धान की अतिरिक्त मिलिंग करानी पड़ती है,
जिस
पर ब्याज,
परिवहन,
इत्यादि पर लगभग 200
करोड़ रूपये की हानि उठानी पड़ती है। श्री
पवार ने राज्य की इस मांग के संबंध में यथोचित विचार करने का
भरोसा दिलाया।
बैठक में
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम को दिए जाने वाले
सीएमआर चावल में 60
प्रतिशत से कम का उसना चावल का प्रतिशत निर्धारित न किया जाय।
उन्होंने कहा कि
छत्तीसगढ़ की धान की प्रजातियों से उसना चावल आसानी से बनाया जा
सकता है जबकि अरवा
चावल में टूटन का प्रतिशत बहुत अधिक बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में चावल के
भण्डारण के लिए गोदामों की कमी का उल्लेख करते हुए कम से कम
8
लाख टन क्षमता के
अतिरिक्त गोदाम का निर्माण गारंटी पर कराया जाये। उन्होंने
भारतीय खाद्य निगम
द्वारा उपार्जित चावल का परिवहन राज्य के बाहर न कराये जाने के
कारण भण्डारण की
समस्या का जिक्र करते हुए प्रति माह कम से कम तीन
लाख टन चावल परिवहन कराने की मांग
की।
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