Saturday , May 25 2019
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मोदी के दूसरे कार्यकाल में अपेक्षाओं के पहाड़ ज्यादा ऊंचे होंगे – उमेश त्रिवेदी

लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक जीत के बाद राजनीतिक हलकों में खिंचे सन्नाटे में कई नए-पुराने सवाल गूंजने लगे हैं, जिनके उत्तरों की तलाश लंबे समय तक जारी रहेगी। जैसी कि परम्परा है, चुनाव में जीत-हार की परिस्थितियों का विश्‍लेषण करने के लिए समीक्षकों की जमात सक्रिय …

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सामने मोदी ; फिर मुश्किल तो है ! – राज खन्ना

चाहें तो 11 मार्च 2017 का कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का ट्वीट याद कर लीजिए। तब यू पी विधानसभा में भाजपा की जबरदस्त जीत के बाद उमर ने कहा था , ” चलिए 2019 भूलिए। 2024 से उम्मीद की जाए ।” इस ट्वीट के बाद उमर खामोश नही …

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गांधी परिवार; बड़ा हुआ तो क्या हुआ !- राज खन्ना

गिनती ने मोहर लगाई। पर राहुल गांधी ने अमेठी की हार की इबारत लड़ाई शुरु होने के पहले ही पढ़ ली थी। चालीस साल से परिवार की अमेठी ने उन्हें लगातार तीन बार संसद भेजा। चौथे मौके पर वह अकारण वायनाड से नही जुड़े। नतीजों ने उनकी आशंका को सच …

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राहुल के बाद क्या मतदाताओं की कसौटी पर खरी उतरेंगी मीनाक्षी – अरुण पटेल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कोर टीम की महत्वपूर्ण सदस्य और उनकी भरोसेमंद सहयोगी मीनाक्षी नटराजन क्या एक बार फिर मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में वहां के मतदाताओं की कसौटी पर खरी उतरेंगी, यह सवाल इसलिए उठ खड़ा हुआ है क्योंकि 2009 के लोकसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन ने वरिष्ठ भाजपा …

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भारत-मां के मंदिर में गंदगी फैलाकर लोकतंत्र की पूजा बेमानी – उमेश त्रिवेदी

बंगाल में दुर्गा-पूजा, भगवान राम और वंदे-मातरम् के चुनावी जयकारों के बीच एकाएक यह अनुत्तरित सवाल जहन में कुलांचे भरने लगा है कि ’भारत-मां के मंदिर में पाखाना फैलाकर लोकतंत्र की पूजा’ के मायने क्या होते हैं? बंगाल के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के राजनीति-द्वंद्व …

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कितना कामयाब होगा भाजपा कांग्रेस का नए चेहरों पर दांव – अरुण पटेल

जनसंघ के बड़े नेता रामचन्द्र बड़े, युवा तुर्क कांग्रेस नेता शशिभूषण और प्रदेश में सहकारिता के पुरोधा, प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष यादव तथा प्रदेश स्तर पर भाजपा के कद्दावर नेता कृष्णमुरारी मोघे जैसे व्यक्तियों को लोकसभा भेजने वाला खरगोन लोकसभा क्षेत्र 2009 से अनुसूचित जनजाति …

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उज्जैन में बलाई समाज की नाराजी को क्या कांग्रेस भुना पायेगी – अरुण पटेल

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित उज्जैन लोकसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ रही है और केवल 2009 में कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू ने इसमें सेंध लगाकर मात्र 15 हजार 841 मतों के अन्तर से जीत दर्ज की थी। उस समय भी यह कांग्रेस या गुड्डू की जीत नहीं बल्कि भाजपा …

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मोदी-ममता के ‘पावर-प्ले’ में हिंसा ने लोकतंत्र को ‘आउट’ किया – उमेश त्रिवेदी

हिन्द महासागर के पूर्वोत्तर में दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी बंगाल की खाड़ी के शीर्ष तट से 180 किलोमीटर दूर हुगली नदी के किनारे बसे कलकत्ता में लोकसभा चुनाव के दरम्यान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी के बीच जारी वाक्-युध्द काग-युध्द में तब्दील हो चुका है। …

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कांग्रेस की ताकत बनीं प्रियंका क्या भेद पाएंगी भाजपा के गढ़ – अरुण पटेल

मध्यप्रदेश में अंतिम चरण में 19 मई को जिन आठ लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होने जा रहा उनमें से एक को छोड़कर सात सीटों पर भाजपा काबिज है। प्रदेश में भाजपा के गढ़ों में सेंध लगाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पूरी ताकत लगाए हुए थे लेकिन अंतिम …

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सिख-दंगों पर ताजा बहस क्या ‘टाइम’ की उपाधि की पुष्टि है? – उमेश त्रिवेदी

फिलवक्त, जबकि बजरिए मीडिया, भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी अकाली दल वोटों की फसल पकाने के लिए 1984 के सिख-दंगों की राख में नफरत के अंगारे तलाश रहे हैं, अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका टाइम के मुख-पृष्ठ पर ’इंडियाज डिवाइडर इन चीफ’ याने ’भारत का प्रमुख विभाजनकारी’ के अवतार में प्रधानमंत्री …

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