Thursday , October 19 2017
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जाहिल सुलतानपुरी:अदब की दुनिया में आधी सदी का सफ़र- राज खन्ना

बेहद सादगी पसंद हैं जाहिल साहब। बेलाग और बेलौस भी। उनके इस मिजाज से उन्हें जानने वाले बखूबी वाकिफ़ हैं। उनका यह मिज़ाज और अंदाज उनके अदबी सफ़र में खूबसूरती से नुमायां है। वह जिंदगी को जैसे जीते हैं। आस-पास ही क्यों दूर तलक जो कुछ देखते- समझते और महसूस …

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गांधी परिवार के किले को ढ़हाने की कोशिश में जुटे अमित शाह – राज खन्ना

भाजपा वाराणसी की तर्ज पर अमेठी -रायबरेली पर फोकस करने की तैयारी में है।वाराणसी में उसका मकसद अपने नेता नरेन्द्र मोदी को मजबूती देना है। उधर अमेठी- रायबरेली में विपक्षी की जड़ों को कमजोर करना। चालीस साल में पहली बार गांधी परिवार को उनके गढ़ में घेरने के लिए कोई …

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ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबंधित साहित्य में गाँधी-राकेश पान्डेय

(गांधी जयन्ती पर विशेष) मादरे हिन्द की आंख का तारा गांधी। चर्ख पर कौम के पुर नूर सितारा गांधी।। जेलखाने में भी जाकर के उठाना कूड़ा। मुल्क के वास्ते करते  हैं गवारा गांधी ।। (स्वराज संग्राम का बिगुल, प्रतिबंधित दिनांक 25 अगस्त, 1930) आज देश की आजादी के 70 वर्ष …

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विमान अपहरण करने से चर्चित हुए देवेन्द्र पांडे,थे बेहद सौम्य और विनम्र – राज खन्ना

स्व.देवेन्द्र पाण्डे पहला चुनाव 1977 में निर्दलीय लड़े थे।लोकसभा का यह चुनाव था।साइकिल उनका निशान था और प्रचार के लिए उनके पास स्कूटर था। कभी वह स्कूटर चलाते और कभी उनका सहयात्री। कन्धे पर माइक सिस्टम। जहाँ-तहाँ रुक कर भाषण देते दिख जाते। मतदाताओं ने तब उन्हें गंभीरता से नहीं लिया …

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ताकतवर मोदी से मुकाबले के लिए क्या बदल रहे है राहुल गांधी ? -राज खन्ना

राहुल गांधी ने विपक्षियों से हमले का एक मौका छीन लिया है। अब तक उनकी विदेश यात्राओं को बेहद गोपनीय रखा जाता था। विदेश में उनका अज्ञातवास अटकलों का सबब बनता था। और फिर सोशल मीडिया से लेकर हर माध्यम पर कहानियाँ तैरती थीं। इस बार वह अमेरिका में हैं।वहां …

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अंध विरोध और अंध भक्ति के बीच खामोश जमात-राज खन्ना

भक्त और विरोधियों के अलावा देश में एक और भी जमात बसती है। आमतौर पर यह मुखर नहीं होती।लेकिन इसकी ख़ामोशी में छिपे तूफ़ान से देश में सरकारेँ बनती बिगड़ती रही हैं।विरोधियों को प्रधानमंत्री मोदी बर्दाश्त नहीं। भक्त विरोध का कोई सुर सुनने को तैयार नहीं। अंध विरोध और अंध भक्ति …

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मोदी जी,आप चुनाव तो जीत जाएंगे पर भरोसा खो बैठेंगें ! – संजय द्विवेदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में परिवर्तन कर देश की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे राजनीतिक संस्कृति में परिवर्तन के अपने वायदे पर कायम हैं। वे यथास्थिति को बदलना और निराशा के बादलों को छांटना चाहते हैं। उन्हें परिणाम पसंद है और इसके …

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राम रहीम की भीड़ के आगे सरकार एवं सिस्टम की ऐसी लाचारी क्यों ? – राज खन्ना

कुछ भी अप्रत्याशित नहीं था। जनता डरी थी। अदालत चेतावनी दे रही थी। सरकार अपने को तैयार बता रही थी। उम्मीद के मुताबिक़ बाबा के भक्त इस तैयारी पर भारी पड़े। अब लाशें गिनी जा रही हैं। आँका जा रहा है जन-धन का नुकसान। खट्टर जाएंगे कि नहीं? किस- किस …

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जीएसटी तंत्र से छोटे-मंझोले डीलर्स की बढ़ी परेशानी, उदासीन है सरकार-राज खन्ना

जीएसटी लागू करने की कामयाबी से गदगद केंद्र सरकार उसके अनुपालन में हो रही कठिनाइयों के निदान में फिसड्डी साबित हो रही है।उधर रिटर्न के दाखिले और पचास हजार से अधिक मूल्य के माल परिवहन में इलेक्ट्रानिक वे बिल की व्यवस्था लागू करने के मामले में भी वायदों और पूर्व …

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सार्वजनिक संवाद में गिरावट,सनक में बदलती उत्तेजना – संजय द्विवेदी

भारतीय राजनीति और समाज में संवाद के गिरते स्तर और संवाद माध्यमों पर भीड़ के मुखर हो उठने का यह विचित्र समय है। यह वाचाल भीड़ समाज से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह अपनी ‘खास राय’ के साथ खड़ी है। गुण या दोष के आधार पर विवेक के साथ …

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