Thursday , September 19 2019
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आलेख

कश्मीर समस्या ; नजरिया कर्ण सिंह का – राज खन्ना

जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय। उस समय के हालात। राजा हरि सिंह , शेख अब्दुल्ला, पण्डित नेहरू,सरदार पटेल आदि की उसमे भूमिका समझने के लिए एक नजरिया डॉक्टर कर्ण सिंह का भी है। राजा हरि सिंह के इकलौते पुत्र कर्ण सिंह आजादी के बाद अगले अट्ठारह साल वहां के रीजेंट …

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कांग्रेस एक बार फिर सोनिया गांधी के हवाले – राज खन्ना

राहुल गांधी और कांग्रेसी दोनों ही फैसले पर अटल रहे। दोनों की बात मान ली गई। राहुल अध्यक्ष नही रहेंगे। पर पार्टी की इच्छा के मुताबिक अध्यक्ष गांधी परिवार से ही रहेगा। सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। 134 वर्ष पुरानी कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष …

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कश्मीर ; लड़ाई का अगला चरण- राज खन्ना

अटकलें सच निकलीं। पर अनुमान से आगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने साहसिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं। कश्मीर के सवाल पर फिर उसकी बानगी दिखी। फिलहाल कोई चुनाव नही है। इसलिए फैसले को वोट की राजनीति से शायद ही जोड़ा जा सके। बेशक अनुच्छेद 370 का खात्मा भाजपा के …

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मौन कार्यकर्ताओं के भावों को अभिव्यक्त करते “प्रभात’’- अरुण पटेल

मूलत: पत्रकार और बाद में भाजपा से जुड़कर मीडिया प्रभारी से लेकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद तक पहुंचने वाले राज्यसभा सदस्य प्रभात झा ने दनादन एक साथ जो ट्वीट की झड़ी लगाई वह भोपाल से लेकर नई दिल्ली तक चर्चित हुई। जिसकी जैसी भावना रही उसने उसके अनुसार किए गये ट्वीट …

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बदलाव का एहसास कराता कमलनाथ सरकार का पहला बजट – अरुण पटेल

मध्यप्रदेश में कांग्रेस 15 साल के बाद ‘वक्त है बदलाव का’ नारे के साथ सत्ता में आई थी। उम्र से तरुण और तरुणाई से भरपूर नाम से भी तरुण भानोत वित्त मंत्री ने कमलनाथ सरकार का जो पहला बजट राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया है वह निश्‍चित तौर पर बदलाव …

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गयालाल से शुरू हुआ..आया राम गया राम का दौर.. – राज खन्ना

उनका नाम था गया लाल।नाम कमाया गया राम बन कर। 1967 में हरियाणा विधानसभा के विधायक थे। एक दिन में दो बार दल बदला। फिर एक पखवारे में तीसरी बार। गया लाल के इस कौशल के साथ देश की संसदीय राजनीति में “आया राम गया राम ” का मुहावरा चल …

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विधानसभा में पग-पग पर अग्नि परीक्षा से गुजरेगी कमलनाथ सरकार- अरुण पटेल

कल 08 जुलाई से 26 जुलाई के दरम्यान होने वाला विधानसभा का पावस सत्र जो कि वास्तव में बजट सत्र ही है, के दौरान जिस ढंग का जनादेश चुनाव में मिला है उसको देखते हुए पग-पग पर राज्य की कमलनाथ सरकार को अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा। वैसे तो कांग्रेस …

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क्या छत्तीसगढ़ का फॉर्मूला मध्यप्रदेश में भी लागू करेंगे राहुल?- अरुण पटेल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साफ संकेत देने के बाद देश भर से कांग्रेस के छोटे-बड़े डेढ़ सौ से अधिक नेताओं ने इस्तीफों की झड़ी उनके अंगने में लगा दी है। छत्तीसगढ़ में पहले से चल रहे दो नामों अमरजीत सिंह भगत और मनोज मंडावी की जगह मोहन मरकाम को …

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भूपेश को चुनौती बाहर से नहीं भीतर से – दिवाकर मुक्तिबोध

इसी 17 को भूपेश बघेल सरकार के छ: माह पूरे हो गए। स्वाभाविक था वह बीते महीनों का हिसाब -किताब जनता के सामने रखती। वह रखा। सरकार के मंत्रियों ने राज्य के अलग-अलग स्थानों पर मीडिया से मुख़ातिब होते हुए सरकार के कामकाज का ब्योरा पेश किया। यह कोई रोमांचकारी …

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सपा – बसपा एक बार फिर आमने सामने- राज खन्ना

लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आये थे। ठीक एक महीने बाद 23 जून को सपा-बसपा फिर आमने- सामने आ गए। वैसे 3 जून को ही मायावती ने गठबन्धन से किनारा कर लिया था। अखिलेश की नेतृत्व क्षमता पर सवाल भी तभी खड़े कर दिए थे। पर तब सुर …

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