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सरगुजा क्षेत्र में वन भूमि के सर्वाधिक पट्टे निरस्त करने के मामले की होगी जांच – बघेल

बलरामपुर 14 जनवरी।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरगुजा क्षेत्र में वन भूमि के पट्टे के प्रकरण अधिक संख्या में निरस्त किये जाने के मामले की जांच करवाने की घोषणा करते हुए कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत् 13 दिसम्बर 2005 के पहले वन भूमि पर काबिज और तीन पीढ़ियों से रह रहे लोगों को वन भूमि का पट्टा दिया जायेगा।

श्री बघेल आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तातापानी में आयोजित तातापानी महोत्सव 2019 संक्रांति परब के अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय विधायक की मांग पर तातापानी में 25 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कराने की घोषणा की।इसके साथ ही उन्होंने बलरामपुर-अम्बिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

उन्होने सरगुजा संभाग के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपने संभाग की सभी 14 विधानसभा सीटों पर जीत दिलाई है, जिसकी किसी को कल्पना भी नहीं थी।उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से तीन चौथाई बहुमत से छत्तीसगढ़ में पहली बार सरकार बनी है।श्री बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद सबसे पहला काम किसानों का कृषि ऋण माफ करने का कार्य किया गया और इसके लिये किसानों की कृषि ऋण की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल सहकारी बैंक और ग्रामीण विकास बैंकों के कृषि ऋण माफ किये गये हैं और राष्ट्रीयकृत बैंकों के फसल ऋण भी माफ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां किसानों से 25 सौ रूपये क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने सरगुजा क्षेत्र में पहली बार मुख्यमंत्री के आगमन पर उनका जोरदार स्वागत किया।

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