Thursday , August 16 2018
Home / MainSlide / गांव-गांव में शिविर लगाकर बांटे जाएंगे निःशुल्क स्मार्ट फोन – रमन

गांव-गांव में शिविर लगाकर बांटे जाएंगे निःशुल्क स्मार्ट फोन – रमन

बलरामपुर 05 दिसम्बर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सूचना क्रांति योजना (स्काई) के तहत प्रदेश के 55 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित किए जाएंगे। स्मार्ट फोन वितरित करने के लिए गांव-गांव में शिविर लगाए जाएंगे।

डा.सिंह ने आज जिले के शंकरगढ़ विकास खण्ड के दोहना में आयोजित तेंदूपत्ता बोनस तिहार को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना क्रांति योजना (स्काई) के तहत प्रदेश के 55 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित किए जाएंगे। स्मार्ट फोन वितरित करने के लिए गांव-गांव में शिविर लगाए जाएंगे। स्मार्ट फोन में राज्य शासन की सभी योजनाओं की जानकारी होगी।साथ ही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध रहेगा, जिसे डाउनलोड कर घर बैठे ही योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किए जा सकेंगे।

उन्होने कहा कि बलरामपुर जैसे दूरस्थ अंचलों में तेंदूपत्ता संग्राहकों और मजदूरों सहित युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों और गरीब परिवार के लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।उन्होने कहा कि बेहतर कनेक्टिीविटी के लिए पूरे प्रदेश में लगभग दो हजार मोबाइल टॉवर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों को राज्य शासन की इस योजना के साथ-साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए पंच-सरपंच सहित सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय पहल करने का आग्रह किया है।

डा.सिंह ने तेंदूपत्ता बोनस तिहार में बलरामपुर-रामानुजगंज और सरगुजा जिले के एक लाख 20 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 23 करोड़ 85 लाख रूपए से अधिक बोनस राशि का वितरण किया। उन्होंने इस अवसर पर लगभग 151 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत के 38 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने लगभग 103 करोड़ 52 लाख रूपए की लागत के कार्यों का लोकार्पण और लगभग 47 करोड़ 75 लाख रूपए की लागत के कार्यो का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने शंकरगढ़ के औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र (आईटीआई) का नामकरण पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय श्री लरंगसाय के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने लोगों की मांग पर शंकरगढ़ में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय प्रारंभ करने और कुसमी के मॉडल स्कूल को डीएवी विद्यालय के रूप में संचालित कराने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के दो हजार 476 हितग्राहियों को लगभग छह करोड़ 86 लाख रूपए की सामग्री का वितरण भी किया।

उन्होने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य वनांचल के लोगों की आजीविका और संस्कृति से जुड़ा है। वर्ष 2003 में तेंदूपत्ता संग्रहण का पारिश्रमिक प्रति मानक बोरा 450 रूपए था। राज्य सरकार द्वारा पारिश्रमिक की राशि में लगातार बढ़ोतरी की गई। अगले सीजन के लिए पारिश्रमिक की दर ढाई हजार रूपए प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है।उन्होने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लगभग 14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को निःशुल्क चरणपादुकाएं, इन परिवारों के महिलाओं को साड़ी दी जा रही है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com