अंसगठित मजदूरों के लिए योजनाओं के लिए केन्द्र से 100 करोड़ की मांग
रायपुर/नई दिल्ली 14फरवरी।छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री चन्द्रशेखर साहू ने प्रदेश में असंगठित श्रमिकों के लिए लागू योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ को 100 करोड रूपये दिये जाने की मांग केन्द्र सरकार से की है।
श्री साहू ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भारतीय श्रम सम्मेलन के 44वें सत्र में यह मांग की।उन्होंने न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की राशि को 500से बढ़ा कर 2500रूपये किये जाने का सुझाव रखा।दो दिवसीय भारतीय श्रम सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री डॉ0मनमोहन सिंह ने की।इस अवसर पर केन्द्रीय श्रम मंत्री मल्लिकाअर्जुन खड़गे व देश के विभिन्न राज्यों से आये श्रम मंत्री भी उपस्थित थे।
उन्होने कहा कि श्रमिकों व उनके परिवारों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र तत्काल रायपुर में चिकित्सा महाविद्यालय/सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की स्वीकृति प्रदान करे।साथ ही उन्होंने भिलाई व कोरबा में 100बिस्तर अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।
श्रम मंत्री ने केन्द्र से आग्रह किया कि प्रदेश में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अमले में वृध्दि की जावे,ताकि पर्यवेक्षण कार्य में गति आये एवं श्रमिकों को नियमानुसार लाभ प्राप्त हो सके।उन्होंने सेवा छंटनी एवं सेवानिवृत्ति के पश्चात श्रमिको को उनके ई0पी0एफ0की राशि एक माह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने हेतु प्रक्रिया को सरलीकृत किये जाने की मांग की।
श्री साहू ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में न्यूनतम वेतन के मामले में केन्द्र की शर्तों का पुनरीक्षण हो,ताकि पूरे देश में इस योजना के तहत मजदूरों को समान न्यूनतम मजदूरी प्राप्त हो सके।
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