रमन ने पोलैण्ड के राजदूत को छत्तीसगढ़ के विकास की दी जानकारी
रायपुर29दिसम्बर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने पोलैण्ड के राजदूत प्रोफेसर पियोत्र क्लोडोकोवस्की को आज राज्य के विकास की जहां जानकारी दी,वहीं राजदूत ने राज्य में निवेश की संभावनाओं की तलाश की।
डा.सिंह ने मिलने आए पोलैण्ड के राजदूत को बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में भी बहुत जल्द शांति और खुशहाली का वातावरण बनेगा।मुख्यमंत्री ने पोलैण्ड के राजदूत को छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी,अधोसंरचना विकास,औद्योगिक विकास,शिक्षा,स्वास्थ्य,सिंचाई और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में गत 11वर्षों में हुई प्रगति के बारे में बताया।उन्होंने राज्य में गरीबों,छात्र-छात्राओं तथा अनुसूचित जातियों और जनजातियों की बेहतरी के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी।
पोलैण्ड के राजदूत ने कहा कि वह भारत और पोलैण्ड के बीच आर्थिक सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में नवीन संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश की संभावनाओं के बारे में भी विचार-विमर्श किया।
डॉ.सिंह ने उन्हें बताया कि छत्तीसगढ़ नया राज्य होने के बावजूद कृषि उत्पादन में काफी आगे है।कृषि विकास में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे नम्बर पर है।इसलिए यहां कृषि उपजों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अच्छी संभावनाएं हैं।पोलैण्ड के राजदूत ने कहा कि वह इस बारे में छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग विभाग से रिपोर्ट मिलने पर अपने देश की सरकार को अवगत कराएंगे और पोलिश उद्योगपतियों का अध्ययन दल यहां के दौरे पर भेजेंगे।
मुख्यमंत्री से लगभग आधे घंटे की मुलाकात में पोलैण्ड के राजदूत ने उनसे अधिकांश बातचीत राष्ट्रभाषा हिन्दी में की। मुख्यमंत्री ने जब उनसे कहा कि आप बहुत अच्छी हिन्दी बोल रहे हैं,तो पोलैण्ड के राजदूत का कहना था कि अपने विद्यार्थी जीवन में मैने हिन्दी सीखी,इसलिए मौका मिलते ही मैं हिन्दी में बोलता हूं।उन्होंने मुख्यमंत्री को पोलैण्ड के नोबल पुरस्कार विजेता कवि चेस्लाव मीलोष के कविता संग्रह 'खुला घर'और एक अन्य पोलिश कवि श्री आदम जनायेफ्स्की के कविता संग्रह 'परायी सुन्दरता में' सहित श्री आदम जनायेफ्स्की द्वारा लिखित 'पोलैण्ड का इतिहास' की भी सौजन्य प्रतियां भेंट की।
बाज़ार
मौसम का हाल
फोटो गैलरी
नया आलेख
-
कार्टून पर विवाद कितना जायज ? - डा.संजय शुक्ला गत सप्ताह संसद के दोनों सदनों...
-
यहीं हाल रहा तो राहुल जी,हार जाएंगे चुनाव-राज खन्ना विधान सभा चुनाव में शेष उत्तर...
-
एलेक्स की रिहाई नई सुबह की आस-डा.संजय शुक्ला सुकमा कलेक्टर एलेक्स पाल...
-
आधुनिक भारत के शिल्पी हों शोषणमुक्त-डा.संजय शुक्ला ‘‘1 मई विश्व मजदूर दिवस पर...
-
लाल आतंक पर मानवाधिकार संगठनों का मौन-डा.संजय शुक्ला माओवादियों द्वारा छत्तीसगढ़...
-
ग्राम सुराज अभियान बना सबजन सुखाय का माध्यम-सुखदेव कोरेटी एक बार फिर बहुजन हिताय, बहुजन...
-
बाबागीरी का पाखंड,आध्यात्मिक बाबा बने उद्योगपति-डा.दिनेश मिश्रा पिछले कुछ वर्षो से देश भर...
-
सामाजिक उत्तरदायित्व से विमुख होता उद्योग जगत-डा.संजय शुक्ला औद्योगिक विकास का असली मकसद...
- 1
- 2
- 3