सैलानियों के लिए खुला कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
रायपुर/जगदलपुर 05अक्टूबर।अपने अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य, रहस्य और रोमांच के लिए देश और दुनिया में प्रसिध्द छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और वहां स्थित कोटमसर गुफा तथा कैलाश गुफा के दरवाजे इस वर्ष निर्धारित समय के एक माह पहले ही खोल दिए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि कोटमसर की गुफाएं चूने के पत्थरों से निर्मित आकृतियों और अंधी मछलियों की वजह से भी लोगों के कौतुहल और आकर्षण का केन्द्र है।बस्तर के विश्व प्रसिध्द दशहरा उत्सव को देखने और उसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटक वहां से लगभग 40 किलोमीटर पर स्थित कोटमसर जाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के वन विभाग द्वारा आम तौर पर हर साल जून-जुलाई से अक्टूबर माह तक बरसात के चार महीनों में वन्य प्राणियों की प्रजनन अवधि और जनजीवन की सुरक्षा की दृष्टि से कांगेरघाटी के प्रवेश द्वार और इन गुफाओं के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन इस वर्ष अपेक्षाकृत कम बारिश के कारण कांगेरघाटी की गुफाओं में पानी का जमाव कम हुआ है और गुफाओं के रास्ते तथा उनके अधिकांश भीतरी कक्ष सूखे हुए हैं।उहोने बताया कि कोटमसर गुफा के भीतर पक्की सीढ़ियों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।गुफा के अंदर पर्यात साफ-सफाई भी की गई है।
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