छत्तीसगढ़ में 40 हजार करोड़ की लागत से बनेगा औद्योगिक रेल कॉरीडोर
रायपुर 08फरवरी।छत्तीसगढ़ में लगभग 40हजार करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक रेल कॉरीडोर बनाया जायेगा।
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी एवं मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह के बीच आज हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस पर सहमति बन गई।इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने एक समिति का गठन किया गया है।समिति एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री डा.सिंह एवं रेल मंत्री श्री त्रिवेदी ने इस बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस क्षेत्र में यह कॉरीडोर बनाया जाना है वहां 25 कोल ब्लॉक हैं। रायगढ़ से मांड, खरसिया,घरघोड़ा,कोरबा होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक और अकलतरा से सूरजपुर, जयरामनगर से चिल्हाटी कॉरीडोर का निर्माण किया जा सकता है।उन्होने कहा कि जिस तरह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वर्ण चतुर्भुज का निर्माण करवाया।उसी तरह 10 साल की कार्य योजना बनाकर इस औद्योगिक कॉरीडोर का निर्माण कराया जा सकता है।
रेल मंत्री ने कहा कि कारीडोर योजना से वह सहमत है।योजना की कार्ययोजना तैयार करने के लिए सेल, कोल इंडिया, रेलवे और उद्योगों से जुड़े लोगों की समिति बनाई गई है।सभी मिलकर योजना का ढांचा तैयार करेंगे। वे चाहते हैं कि आगामी बजट से पहले रिपोर्ट तैयार हो जाए, ताकि इसे मंजूरी दी जा सके।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पिछड़े इलाके और बस्तर के विकास के लिए खास ध्यान दिया जाएगा।उन्होंने रायपुर रेलवे स्टेशन को भी मार्डन स्टेशन के रूप में विकसित करने का भरोसा दिलाया।उन्होने छत्तीसगढ़ से अपने भावनात्मक लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि रेलवे को इस राज्य से अच्छी खासी आय होती है।ऐसे में उनका फर्ज बनता है कि आय की राशि का कुछ हिस्सा प्रदेश के रेलवे विकास में खर्च किया जाए।
रेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री, सांसदों और मंत्रियों के साथ बैठक में कई नई योजनाओं का सुझाव दिया गया है।रेलवे के पास सीमित राशि होती है।लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया है कि यहां के पिछड़े इलाकों को महत्व दिया जाएगा।रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनय मित्तल ने इस मौके पर सफाई के लहजे में बताया कि पिछले दो सालों में छत्तीसगढ़ में काफी काम हुए हैं।यहां से 58 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं और 15 के फेरे बढ़ाए गए हैं। 43 ट्रेनों का विस्तार किया गया है।

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