छत्तीसगढ़ में बुनकरों को मिलेगा 50 प्रतिशत लाभांश

रायपुर 19नवम्बर।छत्तीसगढ़ में हथकरघा सहकारी समितियों से संबंधित बुनकरों को भी वस्त्रों की बुनाई की मजदूरी के साथ अब वस्त्रों के विक्रय से मिलने वाली लाभ की 50 प्रतिशत राशि भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने आज शाम बी.टी.आई. मैदान में 'राष्ट्रीय हैण्डलूम एक्सपो-2011' के उदघाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की।उन्होंने कहा कि हथकरघा वस्त्रों के विक्रय पर मिलने वाले लाभांश की 50 प्रतिशत राशि सीधे संबंधित बुनकर को दी जाएगी।यह व्यवस्था चालू वित्त वर्ष में गत एक अप्रैल से लागू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय वस्त्र प्रदाय योजना के अन्तर्गत 300 मीटर से अधिक वस्त्र की बुनाई करने वाले बुनकरों को बुनाई मजदूरों के अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। बुनकरों द्वारा तैयार कपड़ों में उन्हें बनाने वाले बुनकरों के नाम भी छापे जाएंगे।उन्होंने इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई में प्रवेश लेने वाले बुनकरों के बच्चों को प्रवेश के समय 25 हजार रूपए की राशि प्रदान करने तथा शासकीय वस्त्र प्रदाय योजना के तहत वस्त्र की गुणवत्ता के आधार पर बुनकरों की मजदूरी की दर में 20 से 55 प्रतिशत तक वृध्दि की घोषणा की।यह वृध्दि इस वर्ष एक अक्टूबर से लागू होगी।
उन्होने कहा कि इस वृध्दि के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि दस मीटर प्रतिदिन की बुनाई करने वाले बुनकरों को न्यूनतम दो सौ रूपए मजदूरी प्राप्त हो सके। प्रदर्शनी का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ द्वारा विकास आयुक्त हाथ करघा भारत सरकार और राज्य सरकार के ग्रामोद्योग विभाग के सहयोग से किया गया।
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