विश्वविद्यालयों में अनुसंधान कार्यो को बढ़ावा देने की जरूरत-राज्यपाल
रायपुर 14जनवरी।छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखरदत्त ने कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता को बनाने के लिए विश्वविद्यालयों में शोध और अनुसंधान कार्यो को बढ़ावा देना होगा।
राज्यपाल श्री दत्त ने आज पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय,रायपुर के 18वें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों पर शिक्षा की गुणवत्ता को बनाने और बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।इसके लिए विश्वविद्यालयों में शोध और अनुसंधान कार्यो को बढ़ावा देना होगा।उन्होंने कहा कि भारतीय समाज के तेजी से विकास के लिए नवाचार भी जरूरी है और इसके लिए देश के युवाओं को कुशल अनुसंधानकर्ता और आविष्कारक बनाने की जरूरत है।
उन्होने कहा कि आज नये-नये कोर्सेस, संस्थान, रोजगार के अवसर तथा विशेषज्ञतापूर्ण क्षेत्र सामने आ रहे है।इसके कारण यह जरूरी हो गया है कि हम अपने विद्यार्थियों के लिए कैरियर गाइडेन्स और कैरियर काऊंसिलिंग की व्यवस्था करें।उन्होंने कहा कि जिस तरह का ऊंचा मापदण्ड आई.आई.टी.,आई.आई.एम.,एम्स जैसी शैक्षणिक संस्थाओं ने स्थापित किया है वैसा ही स्टैंडंर्ड अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में भी बने साथ ही 'इंडियन ब्रांड' का डंका सभी जगह बज सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.टी.रामासामी ने अपने उद्बोधन में डी.एससी. की मानद उपाधि दिये जाने पर विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि आज जहां आधुनिक शिक्षा पध्दति में मस्तिष्क का प्रशिक्षण जरूरी हो गया है वहीं यह खेद की बात है कि यह प्रशिक्षण सृजनात्मकता और मौलिकता को खत्म कर देता है।मौलिक चिंतन और अवलोकन की क्षमताएं दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में अधिक है और इस तरह दूरवर्ती होना हानिकारक नहीं है।
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ के सामाजिक आर्थिक विकास में राज्य के युवाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।उन्होंने कहा कि विदेशों के विश्वविद्यालय एवं संस्थाओ में छत्तीसगढ़ एवं पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के काफी विद्यार्थी हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे पूरे हौसले और हिम्मत से आगे बढ़े तथा सपना हमेशा बढ़ा देखें।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां हर एक प्रकार के संसाधन मौजूद है।उन्होंने विद्यार्थियों से इसके विवेकपूर्ण दोहन के लिए आगे आने का आहवान किया।

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