विनायक की जमानत याचिका पर सुनवाई 15 अप्रैल तक स्थगित
रायपुर/नई दिल्ली 11अप्रैल।उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रदोह के दोषी करार सामाजिक कार्यकर्ता विनायक सेन की जमानत याचिका पर छत्तीसगढ़ सरकार की अपना पक्ष रखने के लिए और समय की मांग को आज स्वीकारते हुए सुनवाई 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।
न्यायमूर्ति एच एस बेदी और न्यायमूर्ति सी के प्रसाद की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर सुनवाई टाल दी।न्यायालय ने इससे पूर्व राज्य सरकार को 11 मार्च को सेन की जमानत याचिका पर अपना जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि विनायक सेन को माओवादियों से संपर्क रखने के आरोप में रायपुर की जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।वह इस साय रायपुर केन्द्रीय जेल में सजा काट रहे है।उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा अपनी जमानत याचिका को खारिज कर दिए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

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