Sunday, May 20, 2012
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अग्निपथ ने कमाई का बनाया नया रिकार्ड

समाचार - मनोरंजन

करण मल्होत्रा के निर्देशन में बनी फिल्म अग्निपथ ने बाक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ दिए है।फिल्म कारोबार से जुड़े जानकारों का मानना है कि ‘अग्निपथ’ने ‘बॉडीगार्ड’ के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

   अग्निपथ भारत के अलावा विदेशों में भी रिलीज हुई।ऑस्ट्रेलिया में इस फिल्म ने पहले दिन करीब 38 लाख रुपए का कलेक्शन किया।पहले दिन के कलेक्शन के मामले में अग्निपथ अब तक की सबसे बड़ी हिट साबित हुई है।26 जनवरी को रिलीज हुई अग्निपथ ने कमाई का नया रिकार्ड बनाया है।इसका पहले दिन के ही कलेक्शन का 23 करोड़ का आंकड़ा पार गया।

   जानकार मानते हैं कि बॉडीगार्ड के पक्ष में ऐसी कई बातें थीं, जो अग्निपथ के साथ नहीं हैं। बॉडीगार्ड 132 मिनट की फिल्म थी, जिसकी वजह से मल्टीप्लेक्स में हर रोज 28 से 30 शो संभव थे।वहीं अग्निपथ 170 मिनट की फिल्म है।इस वजह से मल्टीप्लेक्स में इसके शो की संख्या कम है।इसके अलावा बॉडीगार्ड अग्निपथ की तुलना में ज्यादा सिनेमा हॉलों में रिलीज हुई थी।इन वजहों के चलते भी अग्निपथ को सबसे बड़ी हिट माना जा रहा है।

   नई अग्निपथ मार धाड़ से भरपूर फिल्म है।इसमें जितना खून-खराबा है, उतना दर्शकों ने बीते 10-15 सालों में शायद ही किसी फिल्म में देखा हो।यही वजह है कि यह रितिक की कम, संजय दत्त की अग्निपथ ज्यादा है। छोटी-मोटी काट-छांट के साथ फिल्म की मूल कहानी और किरदारों के नाम वही हैं।मांडवा गांव से मास्टर दीनानाथ (चेतन पंडित) का नामोनिशां खत्म करने से लेकर विजय (रितिक रौशन) और उसकी मां सुहासिनी चौहान (जरीना वहाब) के मुंबई आने तक की कहानी में कुछेक सीन का ही अंतर है।

   इस बार साथ में विजू का काका (टीनू आनंद) नहीं है और मास्टरजी को गांव वाले नहीं, बल्कि कांचा चीना मारता है। जुर्म के साए में मुंबई पहुंचे विजू को बड़ा करने में इस बार तीन की बजाए एक ही गैंगस्टर का हाथ है। नाम है राउफ लाला (ऋषि कपूर)।राउफ लाला और कांचा चीना (संजय दत्त)में छत्तीस का आंकड़ा है।फिर भी कांचा उसके साथ कोकिन की डील करना चाहता है,क्योंकि उसे मांडवा के बाद मुंबई पर राज करना है,लेकिन लाला उसे भाव नहीं देता।यहीं से विजू ताकत हासिल करने का फॉर्मूला सीख जाता है और लाला भी उस पर अपना हाथ रख देता है। विजू गरीबों का ऐसा मसीहा बन जाता है,जो रहता भी उनकी तरह ही है, लेकिन उसकी मां और बहन उससे दूर हो जाते हैं। जल्द ही विजू को अहसास हो जाता है कि लाला भी उसका सगा नहीं है। कांचा तक पहुंचने की हसरत में वह लाला को भी ठिकाने लगाता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। कांचा उसके इरादे भांप चुका होता है।

   करण मल्होत्रा ने कहानी के साथ बहुत ज्यादा छेड़छाड़ न करते हुए कुछ किरदारों को कम कर दिया है। इससे कांचा और विजू के किरदार खुल कर सामने आते हैं। यहां संजय दत्त हर दूसरे सीन में रितिक पर भारी पड़ते दिखते हैं।इंटरवल से पहले की फिल्म रितिक के नाम रहती है तो बाद में संजय दत्त के।

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