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औद्योगिक गलियारा कार्यकारी समूह 15 फरवरी तक देगा रिपोर्ट

समाचार - राष्ट्रीय

रायपुर 13फरवरी।छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार के संबंध में रेल लाईन आधारित औद्योगिक गलियारा (कॉरिडोर) विकसित करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के लिए गठित कार्यकारी समूह 15 फरवरी तक मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौपेंगा।

   मुख्य सचिव सुनील कुमार की अध्यक्षता में गठित कार्यकारी समूह की आज यहां हुई बैठक में आयोजित की गयी।बैठक में इस पर सहमति व्यक्त की गयी कि रेल लाईन आधारित औद्योगिक गलियारा (कॉरिडोर)के बनने से निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ-साथ पिछड़े आदिवासी क्षेत्रों की जनता को भी सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र का विकास भी होगा।

   कार्यकारी समूह ने तीन गलियारा पूर्व गलियारा, उत्तर गलियारा और पूर्व-पश्चिम गलियारा चिन्हांकित किए हैं।पूर्व कॉरिडोर में भूपदेवपुर-घरघोड़ा-धरमजयगढ़-कोरबा,उत्तर गलियारे में सूरजपुर-परसा-कटघोरा,पूर्व पश्चिम गलियारा में गेवरा रोड-पेण्ड्रा रोड शामिल हैं।पूर्व गलियारा गारे-पेलमा ब्लॉक की खदानों को जोड़ेगा।इस पूरे इलाके में सार्वजनिक उपक्रम दक्षिण पूर्व कोयला प्रक्षेत्र लिमिटेड (एस.ई.सी.एल.) और निजी क्षेत्र की लगभग 25 कोयला खदानें आवंटित हैं।

   इन इलाकों से कोयला परिवहन के लिए दो रेल्वे कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।पहला तेलाईपाली से रायगढ़ तक, जिसका निर्माण राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एन.टी.पी.सी.)के लिए प्रस्तावित किया गया है।इस लाईन का विस्तार घरघोड़ा तक भी हो सकता है।रायगढ़ माण्ड कोल फिल्ड कॉरिडोर के अन्तर्गत खरसिया से घरघोड़ा होते हुए धरमजयगढ़ तक लाईन विस्तार का प्रस्ताव है,जिसके बन जाने पर एस.ई.सी.एल.और निजी क्षेत्र की खदानों से कम्पनियों को माल परिवहन की सुविधा मिलेगी,वहीं इस प्रस्तावित रेल लाईन को अगर कोरबा से जोड़ दिया जाए,तो कोरबा से धरमजयगढ़, पत्थलगांव, जशपुर होते हुए पड़ोसी राज्य झारखंड के लोहरदगा तक यात्रियों को भी रेल सुविधा मिल सकती है।

   अकलतरा-सूरजपुर कॉरिडोर के अन्तर्गत पहली रेल लाईन अकलतरा से मोरगा तक और दूसरी रेल लाईन परसा से सूरजपुर तक प्रस्तावित है,जो कटघोरा से जुड़ सकती है।इन दोनों रेल लाईनों का निर्माण होने पर मुम्बई-हावड़ा लाईन और अनूपपुर-अम्बिकापुर लाईन भी इनसे कनेक्ट हो सकती है।जयरामनगर-चिल्हाटी रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव बिलासपुर जिले में सीमेंट उद्योग के साथ-साथ यात्रियों के लिए भी उपयोगी होगा।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के कोयला बहुल उत्तरी क्षेत्रों में  माल परिवहन और यात्री सुविधा बढ़ाने की दृष्टि से औद्योगिक रेल गलियारे की परिकल्पना करते हुए इसके लिए पूर्व मुख्य सचिव एस.के.मिश्रा के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था।समिति की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने इस महीने की आठ तारीख को यहां रेल मंत्री श्री दिनेश त्रिवेदी के साथ आयोजित संयुक्त बैठक में इस औद्योगिक रेल गलियारे का प्रस्ताव दिया था। रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव की प्रशंसा करते हुए इसे काफी उपयोगी बताया था।उनके साथ बैठक में इसके लिए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के उददेश्य से कार्यकारी समूह गठित करने का निर्णय लिया गया था।

 

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