गरीबों को पांच रूपए किलो दाल मिले 10 रूपए किलो खाद्य तेल
रायपुर/नई दिल्ली 08फरवरी।छत्तीसगढ़ ने प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा कानून में गरीब परिवारों के लिए तय किये गये प्रति सदस्य सात किलो और एपीएल परिवारों के लिए प्रति सदस्य तीन रूपए किलो खाद्यान्न की पात्रता के प्रावधान को अनुचित करार दिया।
इसके साथ ही राज्य ने प्रत्येक परिवार को हर माह 40 किलो खाद्यान्न की पात्रता तय किये जाने के अलावा प्रति माह गरीब परिवारों को पांच रूपए किलो की दर से दाल तथा दस रूपए की दर से दो किलो खाद्य तेल प्रदाय किए जाने की मांग की है।
आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राज्यों के खाद्य एवं कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव विवेक ढांड ने खाद्य मंत्री की ओर से यह मांग की।दो दिवसीय इस सम्मेलन का उद्धाटन केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने किया।सम्मेलन में केन्द्रीय खाद्य मंत्री के.वी.थॉमस, केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार व विभिन्न राज्यों के खाद्य मंत्री व खाद्य सचिव भी उपस्थित थे।
सम्मेलन में केन्द्र का ध्यान आकृष्ट कराते हुए श्री ढांड ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हर गरीब को रियायती दरों पर खाद्यान्न प्रदाय करने के लिए राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 900करोड़ रूपए का व्यय किया जा रहा है।खाद्य सुरक्षा कानून में केन्द्र सरकार द्वारा 2011की ग्रामीण क्षेत्रों की 46प्रतिशत आबादी और शहरी क्षेत्रों की 28प्रतिशत आबादी को प्राथमिकता वाली श्रेणी के अंतर्गत माना गया है।छत्तीसगढ़ में वर्तमान में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी को मात्र एक रूपए या दो रूपए किलो में प्रतिमाह 35 किलो खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।
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