इतिहास के झरोखे में लोक प्रदेश छत्तीसगढ
छत्तीसगढ़ की धरती के गर्भ में विलक्षण संसाधनों का खजाना है,तो इतिहास के गर्भ में भी दिलचस्प जानकारियों का भंडार है।माना जाता है कि छत्तीसगढ़ का नामकरण इस क्षेत्र में 36 गढ़ों के स्थित होने के आधार पर हुआ ।
रायपुर जिले के गजेटियर (1973) के अनुसार इनमें से 18 किले शिवनाथ नदी के दक्षिण अर्थात रायपुर राज्य के अंतर्गत स्थित हैं शेष 18 गढ़ शिवनाथ नदी के उत्तर में रतनपुर राज्य के अंतर्गत अव्यस्थित हैं ।
एक अन्य मान्यता के अनुसार छत्तीसगढ़ शब्द चेदिश गढ का अप्रभंश है जो कि इस क्षेत्र के कई वर्षों तक चेदिश राजाओं के आधिपत्य में रहने के कारण उध्दृत हुआ ।
रायपुर गजेटियर (1909) में श्री ए.ई. नेल्सन ने इस बात का उल्लेख किया है।इतिहासकारों की यह भी मान्यता है कि रामायण, महाभारत तथा वैदिक ग्रंथों में प्रयुक्त कोसल, दक्षिण कोसल तथा प्राक्कोसल इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं ।

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