छत्तीसगढ़ पर्यटन प्रोत्साहन योजना 2006
छत्तीसगढ़ पर्यटन प्रोत्साहन योजना 2006
1.होटल 2. टूरिस्ट रिसोर्ट 3. हेरीटेज होटल मोटल 5. मार्ग सुविधांए 6. हेल्थ फार्म 7. कला एवं शिल्पग्राम 8. मनोरंजन पार्क 9. वाटर पार्क 10. कैपिंग एवं टेंट सुविधाएं 11.साहसिक/मनोरंजन गतिविधियों के केन्द्र 12. रोप वे 13. गोल्फ कार्स 14. मल्टीप्लेक्स 15. कन्वेंशन सेंटर 16. अन्य कोई योजना जो पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन समय-समय पर अधिसूचना/अनुमोदित किया जाय ।
प्रोत्साहन -
इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन निम्नानुसार है -
1. करों एवं शल्कों में कमी/छूट-''सामान्य परिक्षेत्र'' एवं ''अत्यधिक पिछड़े अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र'' में पर्यटन इकाईयों को करों एवं शुल्कों में निम्नानुसार कमी/छूट की पात्रता होगी -
|
| सामान्य परिक्षेत्र
| केवल अनुसूचित क्षेत्रों के लिए
|
| बिलासिता कर
| 15 वर्षो तक 100 प्रतिशत छूट
| संचालन प्रारंभ होने की तिथि से |
| मनोरंजन कर
| संचालन प्रारंभ होने की तिथि से 5वर्षो तक 50 प्रतिशत छूट
| संचालन प्रारंभ होने की तिथि से 10 वर्षो तक 50 प्रतिशत छूट |
| विद्युत शुल्क
| -
| संचालन प्रारंभ होने की तिथि से 10 वर्षो तक 100 प्रतिशत छूट |
| स्टाम्प शुल्क
| पर्यटन इकाईयों की स्थापना के लिए भूमि अथवा भवन के क्रय/लीज के निष्पादन पर पंजीयन दिनांक से 3 वर्ष तक छूट
| पर्यटन इकाईयों की स्थापना के लिए भूमि अथवा भवन के क्रय/लीज के निष्पादन विलेखों पर 15 वर्षो तक छूट ऋण तथा अग्रिम से संबंधित विलेखों के निष्पादन पर पंजीयन पर पंजीयन दिनांक से 3 वर्ष तक छूट
|
2. भू-प्रीमियम में छूट -अत्यधिक पिछड़े अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में पूंजी निवेशकों को नवीन निवेशकों को नवीन परियोजना हेतु भू-प्रीमियम में 50 प्रतिशत की छूट की पात्रता होगी ।

बाज़ार
मौसम का हाल
फोटो गैलरी
नया आलेख
-
कार्टून पर विवाद कितना जायज ? - डा.संजय शुक्ला गत सप्ताह संसद के दोनों सदनों...
-
यहीं हाल रहा तो राहुल जी,हार जाएंगे चुनाव-राज खन्ना विधान सभा चुनाव में शेष उत्तर...
-
एलेक्स की रिहाई नई सुबह की आस-डा.संजय शुक्ला सुकमा कलेक्टर एलेक्स पाल...
-
आधुनिक भारत के शिल्पी हों शोषणमुक्त-डा.संजय शुक्ला ‘‘1 मई विश्व मजदूर दिवस पर...
-
लाल आतंक पर मानवाधिकार संगठनों का मौन-डा.संजय शुक्ला माओवादियों द्वारा छत्तीसगढ़...
-
ग्राम सुराज अभियान बना सबजन सुखाय का माध्यम-सुखदेव कोरेटी एक बार फिर बहुजन हिताय, बहुजन...
-
बाबागीरी का पाखंड,आध्यात्मिक बाबा बने उद्योगपति-डा.दिनेश मिश्रा पिछले कुछ वर्षो से देश भर...
-
सामाजिक उत्तरदायित्व से विमुख होता उद्योग जगत-डा.संजय शुक्ला औद्योगिक विकास का असली मकसद...
- 1
- 2
- 3