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सहकारी संघवाद का बढ़िया उदाहरण है जीएसटी – अमर

रायपुर 26 फरवरी।छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा हैं कि जीएसटी का लागू होना हमारे देश के लिए सहकारी संघवाद का बढ़िया उदाहरण है।

जीएसटी काउंसिल के सदस्य श्री अग्रवाल ने आज यहां जीएसटी कर प्रणाली को लेकर राज्य स्तरीय परिचर्चा में कहा कि जीएसटी काउंसिल में सभी राजनीतिक दल और विचारधारा के लोग शामिल हैं। बावजूद इसके यहां निर्णय सर्व सहमति से लिए जाते हैं। किसी भी निर्णय  में कोई विरोध नहीं हुआ है।

उन्होने कहा कि जीएसटी लागू हुए अब 8 महीने हो चुके हैं। इन 8 महीनों के अनुभव को साझा करने का अवसर इस परिचर्चा के माध्यम से मिला है। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल के सदस्य होने के नाते इसकी राष्ट्रीय स्तर की सभी बैठकों में हिस्सा लिया है। वास्तव में देश में इसे लागू करना काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण काम था। संविधान में दो तिहाई बहुमत के साथ संशोधन करना और राज्यों की सहमति प्राप्त करना भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में वास्तव में कठिन था।

श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ इच्छा शक्ति और केन्द्रीय वित्त सचिव डॉ. हंसमुख अढ़िया के नेतृत्व में अधिकारियों ने टीम भावना के साथ खूब काम किया, इसलिए यह आज संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जीएसटी एक जुलाई 17 से लागू की गई है। उन्होने कहा कि जीएसटी की शुरूआत में कुछ दिक्क्ते तो हुई। लोगों ने कई तरह की शंकाएं की। लेकिन समय के साथ सब कुछ ठीक होता गया।उन्होंने कहा कि काफी सोच-विचार करने के बाद देश की प्रगति और इकानामी को बढ़ाने के लिए जीएसटी लागू किया गया है।

केन्द्रीय वित्त सचिव हंसमुख अढ़िया ने कहा कि इसे लागू करने को लेकर शुरू में काफी असमंजस और घबराहट थी। धीरे-धीरे दिक्क्ते दूर होती गई और कर प्रणाली में सरलता आते गई। उन्होंने बताया कि आज से लगभग 18 साल पहले आस्ट्रेलिया में इस तरह की कर प्रणाली लागू की गई। उनके जैसे विकसित देश में इसे लागू करने के लिए दो साल से ज्यादा समय लग गया। उनके प्रतिनिधि मण्डल ने पिछले महीने दिल्ली आकर इसका निरीक्षण किया और इसकी प्रशंसा की है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की राजनीतिक इच्छा शक्ति की वजह से इतने कम समय में इस कर प्रणाली को पूरे देश में लागू करना संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए पिछले एक साल में जीएसटी काउंसिल की 25 बार बैठक हुई। एक-एक बिन्दु पर गहन विचार-विमर्श किया गया और सभी की सहमति से निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि इस कर प्रणाली को लागू करने में अधिकारियों ने टीम भावना से काफी काम किए। केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारियों ने मिलकर यह काम किए।

श्री अढ़िया ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्य को होने वाला नुकसान लगातार कम होते जा रहा है। शुरूआत में यह 49 प्रतिशत था जो कि घटकर अब 29 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य से 57 प्रतिशत रिटर्न दाखिल हुए हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रतिशत 67 है।उन्होंने शिकायत नोट करने के लिए स्थापित टोल फ्री नम्बर पर तकनीकी अधिकारियों की ड्यटी लगाने के निदेश दिए।श्री अढ़िया ने व्यापारियों और उद्योगपतियों द्वारा परिचर्चा में दिए गए तमाम सुझाव नोट किए और उनके समाधान के उपाय सुझाए। राज्य के मुख्य सचिव अजय सिंह ने कहा कि टैक्स सुधार को अंगीकार करने की राज्य में उदार परम्परा रही है। यहां के व्यापारियों ने भी जीएसटी को खुले दिल से अपनाया है।  उन्होने कहा कि आईटी का उपयोग करके जीएसटी को सरल बनाया जा सकता है। श्री सिंह ने जीएसटी के लिए अलग से नया रायपुर मे डॉटा सेन्टर स्थापित करने का सुझाव दिया।