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शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में रमन सरकार के प्रयास सराहनीय-जावड़ेकर

रायपुर 15 सितम्बर।केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा और साक्षरता के विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की है।

श्री जावड़ेकर ने आज राजधानी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित मुख्यमंत्री अक्षर सम्मान समारोह और राज्य स्तरीय अक्षर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश को 2022 तक पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य है।छत्तीसगढ़ में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी से किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए मुझे विश्वास है कि इस प्रदेश में यह लक्ष्य जल्द प्राप्त कर लिया जाएगा।

उन्होने कहा कि डॉ.सिंह की सरकार राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष रूप से जोर दे रही है। इसके लिए विभिन्न परियोजनाओं का मैदानी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन हो रहा है।उन्होंने राजधानी स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय के अपने विगत दौरे का भी उल्लेख किया।श्री जावड़ेकर ने कहा कि इस विद्यालय के बच्चों से मैंने शिक्षा के बारे में बातचीत की तो उन्होंने पूरे आत्म विश्वास के साथ जवाब दिया।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों और प्रशासनिक सेवा में छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की बढ़ती उपस्थिति प्रदेश में शिक्षा के अच्छे स्तर को बताती है। यहां दूरस्थ अंचलों के नक्सल प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों के शिक्षा और विकास के मामले में अग्रिम पंक्ति में लाने का काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने कहा है कि साक्षर भारत अभियान से जुड़े प्रेरक और अनुदेशक राष्ट्रीय मिशन का हिस्सा है। हम सब मिलकर अक्षर ज्ञान की ज्योति को प्रदेश के अंतिम गांवों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ऐसे जिले जिनमें साक्षरता का औसत प्रदेश के औसत 74 प्रतिशत से कम है, अगले तीन साल में उनके साक्षरता के औसत को प्रदेश के साक्षरता के स्तर तक ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अन्त्योदय का आव्हान किया है, उनके जन्म शताब्दी वर्ष में हम  साक्षरता के सैनिकों, प्रेरकों, अनुदेशकों और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से हम अक्षर ज्ञान की ज्योति को दूरस्थ गांवों तक ले जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले बीजापुर का साक्षरता का प्रतिशत 38, सुकमा का 40, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में साक्षरता का प्रतिशत 48, बस्तर का 53, कोण्डागांव का 56, बलरामपुर 57 और कबीरधाम जिले का साक्षरता का प्रतिशत 60 है। इन  जिलों में साक्षरता का प्रतिशत प्रदेश के साक्षरता के औसत के बराबर लाएंगे। स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी समारोह को सम्बोधित किया।
कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस, संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगड़े, विधायक श्री श्रीचंद सुंदरानी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री देवजी भाई पटेल, छत्तीसगढ़ संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी परमात्मानंद प्रदेश शिक्षा आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रभूषण शर्मा और छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘साक्षर भारत अभियान’ के प्रतिवेदन और स्कूलों में वितरित किए जाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और जीवन पर केन्द्रित पुस्तिकाओं तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पोस्टर का अनावरण किया।