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शहरीकरण को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में देखने की जरूरत – मोदी

नई दिल्ली 28 दिसम्बर।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि यह अवसर देश में बेहतर बुनियादी ढांचे के निर्माण और लोगों का रहन-सहन आसान बनाने में सुधार के लिए मंच उपलब्‍ध करा सकता है।

श्री मोदी ने आज दिल्‍ली मेट्रो की मेजेंटा लाइन पर ड्राइवर के बिना चलने वाली देश की पहली मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार भविष्‍य की जरूरतों के अनुसार शहरी, बुनियादी ढांचा विकसित करने के जरिये चुनौती को अवसर में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री मोदी ने कहा कि मेट्रो सहित परिवहन के आधुनिक साधनों का विस्‍तार शहरी लोगों की जरूरतों के अनुसार किया जाना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने स्‍थानीय मांग, स्‍थानीय उत्‍पादों को उच्‍च स्‍तर का बनाने को प्रोत्‍साहन देने, मेक इन इंडिया के विस्‍तार और आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल दिया है।

मेट्रो सेवाओं के विस्‍तार के लिए मेक इन इंडिया के महत्‍व पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा कि इससे लागत घटती है, विदेशी मुद्रा बचती है और देश के लोगों को ज्‍यादा रोजगार मिलते हैं।श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्‍तेमाल आज समय की मांग है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चालक रहित मेट्रो सेवा के परिचालन के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां ये सुविधा उपलब्‍ध है।उन्होने कहा कि सरकार विभिन्‍न शहरों में मेट्रो नियो, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्‍टम और मेट्रो लाइट सहित विभिन्‍न प्रकार की मेट्रो ट्रेन चलाने की दिशा में कार्य कर रही है।

श्री मोदी ने कहा कि 2014 में पांच शहरों में मेट्रो ट्रेन चल रही थी, लेकिन अब देश के 18 शहरों में मेट्रो चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिकीकरण के लिए उच्‍च स्‍तर की सुविधाएं उपलब्‍ध कराना बहुत महत्‍वपूर्ण है और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड इसी दिशा में बड़ी पहल है जो सार्वजनिक परिवहन के लिए समेकित पहुंच उपलब्‍ध करायेगी।