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विधानसभा ने हेमचंद यादव, केयूर भूषण, विक्रम भगत को दी श्रद्धांजलि

रायपुर 02 जुलाई।छत्तीसगढ़ की चौथी विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने सबसे पहले दिवंगत पूर्व विधायक हेमचंद यादव, पूर्वसांसद केयूर भूषण और पूर्व विधायक विक्रम भगत के निधन का उल्लेख किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने दिवंगतों के सम्मान में कहा कि पूर्व विधायक हेमचंद यादव ने कम समय में ही अपनी सादगीके चलते लोगों को ध्यान खींचा।उन्होंने सांसद केयूर भूषण को लेकर कहा कि उन्होंने अपने गांधीवादी विचार धारा के चलते पूरे छत्तीसगढ़ में जाने जाते रहे हैं। वहीं जशपुर के बगीचा क्षेत्र केआदिवासी अंचल के विधायक ने संघर्ष कर विधानसभा में जनता की बात रखी।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व सांसद केयूर भूषण के साथ ही एक युग समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि हमने गांधीजी को काम करते नहीं देखा, लेकिन केयूरजीको गांधी के सिद्धांतों पर चलकर काम करते हुए जरूर देखा है। उन्होंने कहा कि 90 साल की उम्र में भी महीने में कम से कम एक बार आकर मुझे मार्गदर्शन देते थे। वहीं पूर्व मंत्री हेमचंद यादव कोश्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके भीतर अद्भुत क्षमता थी। हमने तय किया कि ऐसे व्यक्ति की हमेशा छाप बनी रही, इसलिए दुर्ग विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर किया। डॉ. नेकहा कि विक्रम भगत जशपुर के एक सशक्त नेतृत्वकर्ता रहे।

नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हेमचंद के साथ मुझे विधानसभा में काम करने का मौका मिला था। जब वे मंत्री थे तो हमने क्षेत्र के संबंध में उनसे अपनी बातें रखी, हमेशाउन्होंने मुस्कुराते हुए हमारी बात सुनी। कभी ऐसा लगने नहीं दिया कि हम दूसरे दल के सदस्य हैं।

श्री सिंहदेव ने कहा कि केयूर भूषण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे. छत्तीसगढ़ी साहित्यिक क्षेत्र में उनकी भूमिका अग्रणी रही है। 14 साल की उम्र में महात्मा गांधी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन केतहत अपनी गिरफ्तारी दी। सबसे कम उम्र के बंदी के रूप में उनका नाम रहा। सिंहदेव ने कहा कि विक्रम भगत 45 सालों तक राजनीतिक जीवन मे रहे। उन्हें भी हम श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।