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वनवासियों के उत्साह ने साबित कर दिया तेन्दूपत्ता बोनस का महत्व-रमन

सुकमा 03दिसम्बर।छत्तीसगढ़ के घुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के छिंदगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज आयोजित तेंदूपत्ता बोनस तिहार में 86 हजार 913 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) ऑन लाइन वितरित किया।

डॉ. सिंह ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगो को सम्बेधित करते हुए कहा कि कहा कि मेहनतकश वनवासी भाई-बहनों के जीवन में तेन्दूपत्ते का बड़ा महत्व है। यह हर साल गर्मियों में उनके लिए अतिरिक्त आमदनी का भी एक प्रमुख जरिया है। बोनस को लेकर उनमें भारी उत्साह देखा जा रहा है।समारोह में हजारों की संख्या में उनकी मौजूदगी से तेन्दूपत्ता बोनस तिहार का महत्व स्वयं साबित हो जाता है।इस अंचल में ढोल और मृदंग की स्वर लहरियां फिर गूंजने लगी हैं।

उन्होने कहा कि सुकमा राज्य के अंतिम छोर का नया जिला है। इसका गठन वर्ष 2012 में किया गया था। जब मैने इस अंचल के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पर सुकमा को जिला बनाने का निर्णय लिया था, तब कुछ लोगो ने मेरे इस फैसले का मजाक उड़ाया था, लेकिन आज जनता के सहयोग और शासन-प्रशासन की सक्रियता और तत्परता से सुकमा जिला सामाजिक-आर्थिक विकास के मामले में  एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

डॉ.सिंह ने कहा कि सुकमा जिले को विकास के मामले में राज्य के दूसरे जिलों की बराबरी पर लाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए सड़कों का निर्माण भी जरूरी है। इसलिए जिले में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।पूरे जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 112 सड़कों का निर्माण हो रहा है, जिनकी कुल लम्बाई 666 किलोमीटर है।वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए केन्द्रीय योजना के तहत सुकमा जिले में सात प्रमुख सड़कों का भी निर्माण किया जा रहा है।इनमें से भेज्जी-इंजरम 20 किलोमीटर सड़क तैयार हो गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल हिंसा और आतंक इस जिले की एक बड़ी समस्या थी, जो जनता के सहयोग से धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।उऩ्होने कहा कि विकास के लिए नक्सल समस्या को खत्म करना बहुत जरूरी है। इस जिले की नई पीढ़ी को शिक्षा की सभी जरूरी सुविधाएं दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सुकमा में एजुकेशन हब तेजी से विकसित हो रहा है, जहां दिव्यांग बच्चों के लिए भी शिक्षा की व्यवस्था की गई है।

स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री केदार कश्यप और लोकसभा सांसद दिनेश कश्यप ने भी जनता को सम्बोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत सुकमा के अध्यक्ष हरीश कवासी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.वी.आर सुब्रमण्यम, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव सी.के.खेतान, और सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी समारोह में मौजूद थे।