Tuesday , November 30 2021
Home / MainSlide / रोहिंग्या को शरण देने पर निर्णय लेते समय सरकार रखे राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान- भागवत

रोहिंग्या को शरण देने पर निर्णय लेते समय सरकार रखे राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान- भागवत

नागपुर 30 सितम्बर।राष्ट्रीय स्वयं संघ(आरएसएस)प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि देश में आश्रय मांग रहे रोहिंग्या पर निर्णय लेते समय केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखना चाहिए।

श्री भागवत ने विजयदशमी के अवसर पर आज यहां आरएसएस के वार्षिक आयोजन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पहले ही अवैध बंगलादेशी प्रवासियों की समस्‍या से जूझ रहा है और अब रोहिंग्या भी हमारे देश में घुसपैठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोहिंग्याओं को आश्रय देने से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा होगा।

उन्होने कहा कि..म्‍यांमार से खदेड़े गए रोहिंग्ये आ गये। उनके अलगाववादी, हिंसक और अपराधी गतिविधियां उसके लिए कारक हैं। जिहादी ताकतों से उनके संबंध वहां पर उजागर हो गए। अब ऐसी प्रवृत्ति के लोग वहां से खदेड़े गए और यहां आ गए। यहां अगर उनको आश्रय दिया हमने तो न केवल वह अपने रोजगार पर भार बढ़ेंगे, देश में सुरक्षा पर एक संकट बनेंगे, यह बात पक्‍की है। आनंद की बात है कि शासन, प्रशासन का भी रवैया उनके बारे में ऐसा ही दिख रहा है..।

उन्होने कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि घाटी से 1990 के दशक में विस्थापित हुए लोगों की समस्‍याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर के बारे में पुराने प्रावधानों को बदला जाना चाहिए और आवश्‍यक संवैधानिक संशोधन किये जाने चाहिए। गौ संरक्षण के मुद्दे पर आरएसएस प्रमुख ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर कुछ लोगों ने कथित रूप से हत्‍याएं की हैं जो निंदनीय हैं। लेकिन इसके साथ ही कई लोग गौ तस्‍करों द्वारा भी मारे गये हैं।

श्री भागवत ने कहा कि गौरक्षा का मुद्दा धर्म से परे है और कई मुसलमानों ने बजरंग दल के लोगों की तरह गाय की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगायी है।गौ रक्षा कार्य से हिंसा का संबंध नहीं जोड़ना चाहिए। कानून और संविधान का पूर्ण पालन करके ही उसको चलाना चाहिए और चलाते हैं। उसको साम्‍प्रदायिक से जोड़ना, हिंसा से जोड़ना एक अलग बात है, ऐसा नहीं करना चाहिए।

देश की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि छोटे और मझौले उद्योगों तथा स्व-रोजगार वाले व्यवसायों को संरक्षण किया जाना चाहिए क्योंकि वे देश की अर्थव्‍यवस्‍था में सबसे बड़ा योगदान कर रहे हैं।श्री भागवत ने मुंबई में कल हुई भगदड़ की दुर्घटना के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्‍यक्‍त की।

राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के वार्षिक विजयदशमी उत्‍सव में अन्‍य लोगों के अलावा भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी उपस्थित थे। समारोह के मुख्य अतिथि श्री गुरू रविदास साधुसंत सोसायटी जालंधर के प्रधान बाबा निर्मल दास थे।