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राज्यपाल ने भारतीय सेना के वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों को किया सम्मानित

रायपुर 13 अगस्त।छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज राजभवन में एण्टी नक्सल टास्क फोर्स रायपुर द्वारा भारतीय सेना के गैलेन्ट्री अवार्ड विजेताओं को सम्मानित किया।

सुश्री उइके ने समारोह में देश के वीर जवानों और शहीदों को नमन एवं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि इन जवानों के समर्पण, त्याग और बलिदान से ही हम अपनी आजादी का उत्सव मना रहे हैं। देश के जवानों का सम्मान उनके लिए अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने जवानों के परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की रक्षा में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उनके सहयोग, समर्पण, विश्वास एवं देश के प्रति अगाध प्रेम के कारण ही, हमारे जवान देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभा पाते हैं।

उन्होने कहा कि जल, थल और गगन में हमारी सेनाओं की बढ़ती ताकत ने देश को विश्व पटल पर सामरिक रूप से मजबूत किया है। आजादी के बाद देश ने रक्षा क्षेत्र में अपनी क्षमता विकसित की और आज आत्मनिर्भर होने की ओर अग्रसर है। कठिन परिस्थितियों में सियाचीन से लेकर सागर के तटों तक हमारे जवान डटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रति प्रेम ही हमारे जवानों के ऊर्जा का स्रोत है जिससे वे कठिन से कठिन परिस्थिति में भी बुलंद हौसलों के साथ देश की सीमा की सुरक्षा में सतर्क होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सेना के जवानों ने देश के लिए ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक जैसे कई महत्वपूर्ण अभियानों में अपनी भूमिका निभाई और लाखों सैनिकों ने भी देश की सेवा में अपने प्राणों की आहूति भी दी है। देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूल पायेगा।
राज्यपाल ने कहा कि इस आजादी को पाने के लिए लाखों लोगों ने अपनी शहादत दी है। इस आजादी को बनाये रखने में भी हम सभी को पूर्ण रूप से समर्पित होना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में नक्सली घटनाओं में हमने अपने देश के कई वीर जवानों को खोया है। देश के आंतरिक सुरक्षा में जवानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सली गतिविधियों में घायल जवानों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के साथ कई ऐसे अभियान हैं जिनमें वायु सेना के जवानों एवं अर्द्धसैनिक बलों का अमूल्य सहयोग छत्तीसगढ़ को मिल रहा है।