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मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में किसानों पर ज्यादा फोकस

नई दिल्ली 01 फरवरी।वित्तमंत्री अरूण जेटली ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले वर्तमान सरकार के आज पेश किए गए अंतिम पूर्ण बजट में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, गरीब लोगों की शिक्षा और स्वास्थ्य तथा वरिष्ठ नागरिकों को राहत के साथ-साथ बुनियादी ढ़ांचा परियोजनाओं और बेहतर गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संसाधन जुटाने के प्रावधान किए हैं।

वित्तमंत्री ने किसानों की आय बढाने के उद्देश्य से अब तक अघोषित खरीफ फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना करने की घोषणा की है।उन्होने कहा कि..मुझे ये घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि सरकार ने आगामी खरीफ की सभी अघोषित फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुणा करने का फैसला ले लिया है..।

इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण है। सरकार ने फसल कटाई के बाद संबंद्ध कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन की घोषणा की है। इसके लिए 42 मेगा फूड पार्क बनेंगे। फसल पर अधिक आमदनी देने के लिए किसान उत्पादक कम्पनियों को कर में पूरी छूट का प्रावधान है।

वित्तमंत्री ने व्यक्तिगत आयकर और कम्पनी कर के ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया है हालांकि वेतनभोगी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उदयमों को राहत प्रदान की है। श्री जेटजी ने वेतनभोगी कर्मचारियों को परिवहन भत्ता और चिकित्सीय व्यय की प्रतिपूर्ति की ऐवज में 40 हजार रूपये की मानक कटौती का प्रावधान किया है।

पेंशनभोगियों को भी लाभ पहुंचेगा जिन्हें परिवहन तथा चिकित्सा मद के व्यय में कोई छूट नहीं मिलती। सरकार के इस निर्णय से करीब ढाई करोड वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा।सरकार ने सूक्ष्म और मध्यम उदयमियों को प्रोत्साहन देते हुए वर्ष 2016-17 में ढाई सौ करोड़ तक के कारोबार वाली कम्पनियों को 25 प्रतिशत कॉरपोरेट दर में लाने का प्रस्ताव किया है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के सम्पूर्ण क्षेत्र को लाभ होगा।

सरकार ने दीर्वावधि पूंजीलाभ कर को युक्तिसंगत बनाने का  प्रयास किया है। इसके तहत सूचीबद्ध शेयरों को दीर्घावधि पूंजी लाभ कर की श्रेणी में लाया गया है।राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का तीन दशमलव तीन प्रतिशत तक रखने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना के तहत करीब 10 करोड लोगों को गम्भीर बीमारी की अवस्था में सहायता दी जायेगी। अस्पतानल में भर्ती होने पर यह सहायता पांच लाख रूपये प्रति परिवार होगी।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि यह विश्व में सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना है। सरकार इसे लागू करने के लिए पर्याप्त धन मुहैया करायेगी।

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या चिकित्सा व्यय के लिए कटौती की सीमा 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। अब वरिष्ठ नागरिक सामान्य चिकित्सा के संबंध में  50 हजार रुपये प्रति वर्ष कटौती के लाभ का दावा कर सकते हैं। धारा 80 डी डी बी के तहत गम्भीर बीमारी के मामलों में चिकित्सा व्यय पर छूट एक लाख रुपये तक बढ़ा दी है। इन रियायतों से वरिष्ठ नागरिकों को 4 हजार रुपये का अतिरिक्त कर लाभ होगा।

गरीब और ग्रामीण परिवारों की शिक्षा तथा स्वास्थ्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वित्तमंत्री ने वर्तमान तीन प्रतिशत शिक्षा उप कर के स्थान पर चार प्रतिशत स्वास्थ्य और शिक्षा उप कर का प्रस्ताव किया है, इससे 11 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व मिलेगा।

उज्जवला योजना के तहत सरकार अब आठ करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देगी। पहले पांच करोड का लक्ष्य रखा गया था।शुरूआत में पांच करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन का लक्ष्य रखा था, लेकिन इस योजना की गति को देखकर, इसकी लोकप्रियता को देखते हुए इसका लक्ष्य बढ़ाने जा रहे हैं। अब सरकार उज्जवला योजना के तहत आठ करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देगी।सरकार अगले तीन वर्ष तक सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों के वेतन के 12 प्रतिशत का अंशदान करेगी।

बजट में मोबाइल फोन पर सीमा शुल्क 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। उनके कुछ पुर्जों और सामग्री पर 15 प्रतिशत तथा टेलीविजन के कुछ पुर्जों को भी 15 प्रतिशत सीमा शुल्क के दायरे में लाया गया है। इससे उद्योगों को प्रोत्साहन के साथ रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। वित्त मंत्री ने काजू प्रसंस्करण उद्योग की सहायता के लिए कच्चे काजू पर सीमा शुल्क पांच प्रतिशत से घटाकर ढाई प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है।

जी.एस.टी. लागू होने के बाद यह पहला आम बजट है। उत्पाद शुल्क और सेवा शुल्क को काफी हद तक जी एस टी में ही मिला दिया गया है।

रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने और रेलवे की ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए रेलवे केपेक्स एक लाख 48 हजार 528 करोड़ रूपये किया गया है।रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी स्टेशनों और रेलगाडि़यों में वाईफाई और सीसीटीवी उपलब्ध कराये जायेंगे।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की डेढ़ सौवीं जयंती के सिलसिले में आयोजित किये जाने वाले समारोहों के लिए डेढ़ सौ करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।