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मोदी ने नवी मुम्बई अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की रखी आधारशिला

मुम्बई 18 फरवरी।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां नवी मुम्बई अन्‍तर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला पट्टिका का अनावरण किया और साथ ही इसी समारोह में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के चौथे टर्मिनल का भी उद्घाटन किया।

श्री मोदी ने नवी मुम्बई हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आजादी के बाद से अब तक का सबसे बड़ा नया हवाई अड्डा विकसित किया जा रहा है।उन्होने कहा कि उड़ान परियोजना के तहत देश के कस्बो और शहरों में लगभग एक सौ छोटे हवाई अड्डे संचालित किए जाएंगे।

उन्होने कहा कि..इतने वर्षों से जो हवाई जहाज खरीदे गए, चलाए गए,आज हमारे देश में करीब-करीब साढ़े चार सौ हवाई जहाज ऑपरेशनल हैं, सरकारी हो, प्राइवेट हो सब मिलाकर। आजादी से अब तक हम साढ़े चार सौ पर पहुंचे हैं।आपको जानकर खुशी होगी, इस एक वर्ष में इस देश के एविऐशन सेक्‍टर द्वारा नौ सौ नए हवाई जहाज के आर्डर बुक किए गए हैं..।

श्री मोदी ने बंदरगाह पर चौथे कंटेनर टर्मिनल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने बंदरगाह आधारित विकास के लिए सागरमाला परियोजना शुरू की है।उऩ्होने कहा कि..पोर्ट का ही डेवलमेंट करना चाहते हैं ऐसा नहीं है। हम पोर्ट लेड डेवलपमेंट पर बल दे रहे हैं ताकि हमारे समुद्री तट के साढ़े सात हजार किलोमीटर का विशाल समुद्र हमारे पास हैं। हम सामुद्रिक क्षेत्र में एक महाशक्ति बनने की एक संभावना वाली हमे भौगोलिक रूप से व्‍यवस्‍था मिली हुई कि हमारे लिए चुनौती है कि हम कैसे फायदा उठाए इस अवसर का और हम अपनी व्‍यवस्‍थाओं को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाए..।

प्रधानमंत्री ने कहा कि‍ समुद्री मार्ग के जरिए माल परिवहन न केवल सस्ता है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल भी है।उन्होने कहा कि..ट्रांसपोटेशन क्षेत्र के अंदर 100 से ज्‍यादा वाटरवेज हमने आईडेंटीफाइ किए हैं और पूरे देश में हमे लगता है कि गुड्स ट्रांसपोटेशन के लिए अगर हम रेल या रोड के बजाय अगर वाटरवे का उपयोग करें तो हम बहुत ही कम खर्च में चीजों को मुहैया करा सकते हैं, पहुंचा सकते हैं और ऐनवारमेंट केा कम से कम नुकसान करके हम ग्‍लोबल वार्मिंग के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है। उसमें भी अपना सकारात्‍मक कंट्रीब्‍यूशन कर सकते हैं..।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू तथा केन्द्रीय जहाजरानी और भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।