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मोदी ने जल संचय एवं जल संरक्षण पर दिया जोर

नई दिल्ली 29अप्रैल।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि जल संचय एक सामाजिक और सामूहिक उत्‍तरदायित्‍व होना चाहिए। जल संचय हमारे पूर्वजों की जीवन शैली का हिस्‍सा रहा है।

श्री मोदी ने आज आकाशवाणी से मन की बात साझा करते हुए कहा कि गुजरात की अडालज और रानी की बावड़ी तथा राजस्‍थान के जोधपुर में चांद बावड़ी पर्यटक स्‍थल के रूप में प्रसिद्ध हैं और ये हमारे पूर्वजों के समय के जल संरक्षण प्रयासों की जीवंत प्रतीक हैं।उन्होने कहा कि अगर आप राजस्थान जाएँ तो आप जोधपुर में चाँद बावड़ी जरुर जाइएगा। ये भारत की सबसे बड़ी और खूबसूरत बावड़ी में से एक है और सबसे ध्यान देने वाली बात ये है कि वह उस धरती पर है जहाँ पानी की क़िल्लत रहती है।

श्री मोदी ने कहा कि जल संरक्षण और प्रबंधन पर हर वर्ष औसतन 32 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। पिछले तीन वर्षों में किए गए जल संरक्षण और जल प्रबंधन उपायों से करीब एक करोड़ पचास लाख हेक्‍टेयर भूमि को लाभ मिला है।उन्होने कहा कि जल-संरक्षण और जल-प्रबंधन के लिए भारत सरकार के द्वारा जो मनरेगा में धनराशि मिलती है, कुछ लोगों ने इसका बहुत अच्छा फायदा उठाया है।

श्री मोदी ने उत्‍तर प्रदेश के फतेहपुर का भी जिक्र किया जहां जिला प्रशासन के प्रयासों से ससुर और खदेरी नाम की दो सूखी हुई छोटी नदियों में फिर से पानी का बहाव सुनिश्चित किया गया।

हाल ही में आस्‍ट्रेलिया में सम्‍पन्‍न राष्‍ट्र मंडल खेलों का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन खेलों में भारत का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा। उन्‍होंने कहा कि इस खेल में जितने भी पहलवानों ने भाग लिया वे सभी पदक लेकर ही स्‍वदेश वापस लौटे। श्री मोदी ने कहा कि इन खेलों का महत्‍व इसलिए भी विशेष था कि इसमें पदक जीतने वाले अधिकतर खिलाड़ी महिलायें थीं।

फिट इंडिया से लोगों के उत्‍साहपूर्वक जुड़ने पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए श्री मोदी ने कहा कि अनेक प्रसिद्ध हस्तियां इसके लिए बड़े दिलचस्‍प तरीकों से युवाओं को प्रोत्‍साहित कर रही हैं। उन्‍होंने कहा कि योग का फिट इंडिया अभियान में विशेष महत्‍व है।प्रधानमंत्री ने युवाओं से ग्रीष्‍मकालीन स्‍वच्‍छ भारत इंटर्नशिप में भाग लेने का आह्वान किया।

दूरदर्शन पर दिखाये जाने वाले गुड न्‍यूज इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह कार्यक्रम देश के विभिन्‍न भागों में लोगों द्वारा किए गए अच्‍छे कार्यों के बारे में बताता है। सभी को यह कार्यक्रम देखना चाहिए।प्रधानमंत्री ने दिल्‍ली के उन युवाओं का उल्‍लेख किया जिन्‍होंने निस्‍वार्थ और समर्पित भाव से गरीब बच्‍चों को पढ़ाने का काम किया है।

श्री मोदी ने उत्‍तराखण्‍ड के बागेश्‍वर के कुछ किसानों की भी चर्चा की जिन्‍होंने कृषि उत्‍पाद के मूल्‍य संवर्धन की अभिनव प्रक्रिया अपना कर घाटे में चल रही खेती को मुनाफे में बदल दिया है।गुरूदेव रबीन्‍द्र नाथ ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गुरूदेव एक प्रतिभाशाली और बहुआयामी व्‍यक्तित्‍व के धनी थे।

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लोगों को शुभकामनायें देते हुए श्री मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध दया, सेवा और त्‍याग के प्रतीक हैं। उन्‍होंने पूरे विश्‍व में लाखों करोड़ों लोगों को रास्‍ता दिखाया है।पोकरण परमाणु परीक्षण की याद करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध ने विश्‍व को दिखाया है कि शांति के लिए आंतरिक शक्ति जरूरी है। श्री मोदी ने भारत को एक आधुनिक और शक्ति सम्‍पन्‍न देश बनाने के लिए युवा पीढ़ी से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जय विज्ञान मंत्र को आत्‍मसात करने का आह्वान किया।