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मोदी का तुष्टिकरण,सांप्रदायवाद तथा वंशवाद की राजनीति को हराने का आह्वान

(फाईल फोटो)

हैदराबाद 03 जुलाई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निष्‍पादन और विकास की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने और तुष्टिकरण, सांप्रदायवाद तथा वंशवाद की राजनीति को हराने का आह्वान किया है।

श्री मोदी आज यहां भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से पारित राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह बात कही। राजनीतिक प्रस्ताव, गृह मंत्री अमित शाह ने पेश किया और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई तथा असम के मुख्‍यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने इसका समर्थन किया। श्री सरमा ने बताया कि बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्‍तार से चर्चा की गई और इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

श्री सरमा ने बताया कि बैठक में गुजरात दंगों पर उच्‍चतम न्‍यायालय के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया गया। उच्‍चतम न्‍यायालय के फैसले में प्रधानमंत्री को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है और उन पर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी भगवान नीलकंठ की तरह चुप रहे और उन्‍होंने कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया।

प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि विपक्षी कांग्रेस, सरकार की हर योजना, कार्यक्रम और निर्णय का विरोध करती है। कांग्रेस के लिए राजनीति वंशवाद है, लेकिन भाजपा इसे सेवा समझती है।प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि देश ने 2014 से पहले राजनीतिक निष्‍क्रियता,  क्षेत्रवाद और तबाह अर्थव्यवस्था का सामना किया है। पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुनने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की। अनुच्‍छेद 370 हटाना, गरीबों के लिए योजनाओं का कार्यान्‍वयन, अग्निपथ जैसी योजना की शुरुआत और एक रैंक-एक पेंशन लाने के लिए भी प्रधानमंत्री की प्रशंसा की गई।

प्रस्ताव में कई राज्यों के चुनाव में भाजपा की जीत का भी उल्‍लेख किया गया। प्रस्ताव में एनडीए सरकार के 8 वर्षों के कार्यकाल में गरीबी को 22 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत पर लाने और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने सहित कई उपलब्धियों के बारे में भी चर्चा की गई।